राजेश पटेल की रिपोर्ट
जनपद मध्य प्रदेश। ग्राम पथरीगणमें विराजमान मां काली के दरबार में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था देखने को मिलती है। यहां मां काली के तीनों समय अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होने की मान्यता है। सुबह, दोपहर और संध्या बेला में मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर भक्तजन अपने आपको धन्य मानते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां काली के दरबार में सच्चे मन और श्रद्धा के साथ आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु मां के दरबार में खाली हाथ अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है, मां उसकी झोली खुशियों से भर देती हैं।
मां काली के परम भक्त ज्वाला सिंह पर भी मां की विशेष कृपा और आशीर्वाद बना रहने की श्रद्धालुओं में मान्यता है। भक्तजन मां के दरबार में पहुंचकर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन के कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं।
ग्राम पाथरा का यह धार्मिक स्थल श्रद्धा, भक्ति और विश्वास का प्रतीक बना हुआ है। मां काली के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालुओं की जुबान पर एक ही जयकारा गूंजता है— जय मां काली!
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