दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर शासन और राजस्व परिषद का ध्यान आकृष्ट कराया है। संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र के माध्यम से लेखपालों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, स्थानांतरण तथा अतिरिक्त कार्यभार समेत कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
संघ ने लेखपाल संवर्ग के लिए प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) किए जाने तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांग की है। इसके साथ ही करीब आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया को दोबारा शुरू कर इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की गई है।
पत्र में चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने, विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित करने तथा नवनियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी शामिल है। संघ ने स्टेशनरी भत्ता, वाहन भत्ता और विशेष भत्ते में बढ़ोतरी की मांग रखी है।
लेखपालों को भूलेख कार्यालयों एवं विभिन्न पटलों से अवमुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में कार्य करने के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
पत्र के अनुसार मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश के लेखपाल 7 अक्टूबर 2026 से शासनादेश जारी किया जाए।
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