प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी मरीजों के अभिभावकों के साथ बदसलूकी करने पर उतारू। जमानियां। सीएचसी बरूईन पर जबरिया आशाओं की मीटिंग कराई जा रही है। ना ही बैठने की उचित व्यवस्था, और पीने के लिए पानी।आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल मजबूर होगी धरना-प्रदर्शन करने के लिए। उक्त जानकारी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता और नगर पालिका परिषद के भावी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नारायण दास चौरसिया ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाते हुए। बताया कि इलाज के लिए दूर दराज से पहुंचने वाले मरीजों के अभिभावकों के साथ बदसलूकी करने पर उतारू होते है। यही नहीं शासन द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री आरोग्य मेला से बराबर अनुपस्थित रहने के बाद भी मुख्यचिकित्साधिकारी द्वारा अबतक किसी तरह की विभागीय स्तर पर कार्यवाही नहीं होने के कारण ऐसे डाक्टर का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मीटिंग हाल होने के बाद भी 7 किलो मीटर दूर आशाओं की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूईन पर जबरदस्ती मीटिंग कराया जाता है। ना ही बैठने की उचित व्यवस्था और पीने के लिए पानी मिलता है। मुख्यचिकित्साधिकारी के खामोशी के चलते केंद्र प्रभारी गुलाब शंकर पटेल की तानाशाही खुल कर मरीजों के अभिभावकों के सामने आ रहा है। चौरसिया ने बताया कि आशाओं की बैठक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित मीटिंग हाल में ही हरहाल में कराया जाए। अन्यथा भाजपा कार्यकर्ताओं संग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी के तानाशाही के खिलाफ बहुत जल्द विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। भाजपा कार्यकर्ता नारायण दास चौरसिया ने बताया कि आशाओं की आमदनी लगभग 4000 से लेकर 5000 हजार रुपया महीने में किसी तरह कमाती होगी। और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूईन आने जाने में कम से कम 80 रुपया लग जाता होगा। ऐसे में आशाओं की शोषण के सिवा और कुछ नहीं मिलता है। अगर सीएमओ गाजीपुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी गुलाब शंकर पटेल द्वारा पुनः विचार करते हुए मीटिंग कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं कराते है। तो धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
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