जमानियां। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी, बाढ़ के हालातजमानियां। गंगा में पानी छोड़ने और लगातार बारिश के कारण जमानियां गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गांव की गंगा नदी किनारे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। आवागमन में भी परेशानी हो रही है। जिससे गंगा नदी तट किनारे किसानों की फैसले और झोपड़ी पानी में डूबी हैं। तो खेतों में फसलें भी जलमग्न हैं। खेतों से हरा चारा लाने के लिए किसानों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। किसानों को डर है। कि गंगा नदी किनारों के खेतों में ज्यादा समय तक पानी भरा रहा तो फसल खराब हो सकती हैं। बताया जाता हैं कि गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण श्मशान घाट से लेकर साईं नाथ मंदिर के करीब पानी पहुंचने को लालाइत है। बता दें कि मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर 61.410 मीटर बढ़ गया है। जब की 2024 में बाढ़ का उच्च जलस्तर 63.670 मीटर और 2022 में गंगा नदी में बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर रहा। इस समय बाढ़ की स्थिति का मापदंड. सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर, निम्न स्तर 62.100 मीटर, चेतावनी बिंदु मध्य स्तर 63.105 मीटर, खतरा बिंदु, उच्च स्तर 65.220 मीटर, बताया जा रहा है। कि 2 सेंटीमीटर प्रति घंटा जलस्तर के बढ़ाव का क्रम जारी है। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ते देख उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया द्वारा लेखपाल, कानूनगो, राजस्व कर्मियों को निर्देश देते हुए बाढ़ के हालात पर कड़ी नजर बनाए रखने के लिए कहा हैं। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे खेतों में पानी भरा है। चौरसिया ने बताया कि अभी जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। उधर किसानों को आशंका है। कि अगर जल स्तर कम नहीं हुआ तो हरे चारे की फसल तबाह हो सकती है। सलीम मंसूरी जमानिया
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