मजाक बन कर रह गया मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला जमानियां। सलीम मंसूरी मरीजों को नहीं मिल पा रही एक ही छत के नीचे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल रहा है।जिसका मुख्य कारण कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बराबर केंद्र प्रभारी के अनुपस्थित रहना। सरकार के द्वारा चलाए जा रहे, मुख्यमंत्री आरोग्य मेला मजाक बन कर रह गया। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला मरीजों को नहीं मिल पा रही एक ही छत के नीचे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं। जिसको लेकर व्यापार मंडल के युवा जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, मोहम्मद आरिफ मंसूरी अपने समर्थकों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के कार्यालय पहुंचकर भेंटकर पूछताछ कर जानकारी लिया। इस दौरान मुन्ना गुप्ता ने मुख्यमंत्री आरोग्य मेला से बराबर अनुपस्थित रहने के बारे में बताया कि ज्यादातर मरीजों और उनके अभिभावकों को केंद्र प्रभारी से इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकते रहते है। ऐसे में चिकित्सक की अनुपस्थित नहीं होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठाने को बेबस रहते है। उन्होंने बताया कि केंद्र के सभी स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य रहता है। लेकिन मुख्यमंत्री आरोग्य मेला से बराबर महिला चिकित्सकों से लेकर पुरुष चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मेला से गायब रहते है। जिससे मरीजों का नहीं रहा आरोग्य मेले का विश्वास, जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हो चुके है। प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाला मुख्यमंत्री आरोग्य मेला मजाक बन कर रह गया है। मरीजों को स्वास्थ्य से जुड़ी प्रत्येक प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीजों का विश्वास स्वास्थ्य मेले के प्रति नहीं रह गया है। आरोग्य मेले में काफी कम संख्या में मरीज इलाज के लिए जा रहे हैं। बता दें कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को नि:शुल्क जांच व उपचार के साथ ही बीमारियों के प्रति जागरूकता व परामर्श के लिए मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला लगाए जाने का निर्देश दिया गया है। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही मरीजों में कुछ जागरूकता दिखी। लेकिन हाल फिलहाल यह औपचारिकता तक सीमित रह गया है। मेले में आयुष्मान कार्ड, गर्भावस्था एवं प्रसव काल में परमर्श, संस्थागत प्रसव सम्बन्धी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं उपचार, बच्चों में डायरिया एवं निमानिया की रोकथाम, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया आदि बीमारियों की आवश्यक जांच एवं उपचार सहित विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने की योजना बनाई गई है। लेकिन हकीकत से परे सब कागज पर ही होता दिख रहा है। इस संबंध में केंद्र प्रभारी चिकित्सक डाक्टर गुलाब शंकर पटेल ने बताया कि प्रत्येक रविवार को कही न कही कार्यक्रम में जाना पड़ता है। इस लिए मुख्यमंत्री आरोग्य मेला से अनुपस्थित रहना पड़ रहा है।
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