वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी -- देश को क्षयमुक्त करने के संकल्प को नई ऊर्जा देने के लिए गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा "जोश" (ज्वाइंट स्क्वाड फार हेल्थ)टीम का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारम्भ किया गया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित मुख्य समारोह का नेतृत्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने किया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वाराणसी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में प्रदर्शित किया गया। संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण पर आधारित इस अभियान के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय मिलकर कार्य कर रहे हैं। प्रथम चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में इस पहल की शुरुआत की जा रही है। जिसमें युवाओं की ऊर्जा और सहभागिता के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लिए जमीन स्तर पर जन जागरूकता को मजबूत किया जाएगा। सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला क्षयरोग अधिकारी डा. पीयूष राय, पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधि एवं एनसीसी कमाण्डेंट प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जनप्रतिनिधियों एवं जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा अपने अपने कार्यालय में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इस कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेट्स एवं माई भारत वालंटियर्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।जोश टीम में एक प्रथम श्रेणी के नामित नोडल अधिकारी के नेतृत्व में पांच एनसीसी कैडेट्स एवं 5 माई भारत वॉलिंटियर्स शामिल होंगे। ये टीमे गांव गांव, ब्लॉक एवं वार्ड स्तर पर जाकर टीबी के लक्षणों की निशुल्क जांच एवं उपचार के संबंध में जन जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेंगी। इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में जोश टीम की शुरुआत एक महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को गति मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग इस राष्ट्रीय पहल को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।जिला क्षयरोग अधिकारी डा.पियूष राय ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं की भागीदारी से समाज में टीबी को लेकर फैले भ्रम एवं कलंक को दूर करना है। वाराणसी में जोश टीमे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर समुदाय तक टीबी जागरूकता का संदेश पहुंचाएंगे, ताकि समय पर मरीजों की पहचान हो सके और उन्हें निशुल्क उपचार एवं निक्षय पोषण योजना का लाभ मिल सके। इस अवसर पर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बाल रोग विशेषज्ञ के परामर्श के अनुसार प्रोटीन पाउडर उपलब्ध कराया गया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों द्वारा टीबीमुक्त भारत कायम रखने की शपथ ली गई। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में युवा वॉलिंटियर्स शामिल रहे। सभी ने वाराणसी को टीबीमुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।
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