वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी -- राजा राममोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान कोलकाता और माध्यमिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में स्थापित पुस्तकालय प्रभारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान बतौर अध्यक्षीय उद्बोधन में संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण पुस्तकालयों को ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करें, ग्रामीण पुस्तकालय का संचालन करना सभी का दायित्व है। ग्रामीण पुस्तकालयों का संचालन एक चुनौती की तरह है। इसको सरकार और समाज के संयुक्त प्रयास से करना चाहिए। आज बच्चे एवं युवा मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर संस्कृति के जाल में फंसते जा रहे हैं। कंप्यूटर, मोबाइल और एआई का उपयोग बहुत ही समझदारी से करना चाहिए। मंचासीन मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉक्टर राम सुथार सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी बुनियादी सुविधाएं विशेष रूप से अच्छे विद्यालय, पुस्तकालय तथा स्वास्थ्य केंद्र विकसित किए जाएं। पुस्तके मानव की सर्वोत्तम मित्र हैं।माता-पिता का दायित्व है कि खुद पुस्तक पढ़े तभी बच्चे और युवा टेलीविजन और मोबाइल से दूर होंगे तथा पुस्तकों की ओर वापस लौटेंगे। रिसोर्स पर्सन के रूप में केंद्रीय पुस्तकालय काशी हिंदू विद्यालय वाराणसी के उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ विवेकानंद जैन, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान वाराणसी के पुस्तकालयाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ विजय प्रकाश सिंह ने पुस्तकालय विज्ञान के सिद्धांतों और स्थानीय जरूरतों तथा सामाजिक सहभागिता के आधार पर ग्रामीण पुस्तकालयों के संचालन पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर लखनऊ से आए अनंत शुक्ला एवं आलोक शुक्ला ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से सभी प्रभारियों को अवगत कराया। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने पुस्तकालय संस्कृति की ओर वापस लौटने का आवाहन किया तथा आज की जरूरत बताया। कार्यक्रम के आयोजक एवं संचालक राजकीय जिला पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार द्वारा ग्रामीण पुस्तकालयों की स्थापना और प्रदान की गई सामग्री तथा सुविधाओं से सभी को अवगत कराया।उन्होंने कहा कि अगर प्रबल इच्छा शक्ति हो तो हम कोई भी लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। यह भी बताया कि आज राजकीय जिला पुस्तकालय वाराणसी में 3300 से अधिक बच्चे आजीवन सदस्य हैं। पुस्तकालय प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8.00तक खुलता है। जिसके कारण पुस्तकालय के बच्चे लगभग सभी परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं। जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का केंद्र विकसित करने के कारण बच्चे नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज वाराणसी के प्रधानाचार्य विश्वेश्वर सिंह ने अपने विद्यालय में विकसित किए गए पुस्तकालय एवं एआई सेंटर के बारे में सभी लोगों को विस्तार से बताया। सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश यादव की मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव, एवं सभी पुस्तकालय प्रभारियों ने प्रशिक्षण कार्यशाला में हिस्सा लिया। उक्त कार्यक्रम में समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अनुराग मिश्र, सहायक निदेशक संस्कृत पाठशाला परमानंद सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर विद्यालय एवं पुस्तकालय के स्टाफ ने पूरा सहयोग प्रदान किया।
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