वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी -- वासुदेव पुरम कॉलोनी में डांडिया महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। यह आवश्यक इसलिए भी रहा कि इस दिन आर्टिस्ट डे, शरद पूर्णिमा और शौर्य दिवस का अद्भुत संयोग था। कॉलोनी प्रांगण में कला, भक्ति और शौर्य की त्रिवेणी देखने को मिली। इस कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलोनी के गणमान्य नागरिकों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कराया गया। इसके उपरांत वेदान्त जी द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं नीतिज्ञम द्वारा किए गए ओजस्वी शिव तांडव स्तोत्र के पाठ से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। शिवानी, लाडो, गौरा, गुनगुन और काव्या ने अपने सुंदर और मनमोहक नृत्य से दर्शकों का दिल जीत लिया। वर्षा सिंह एवं पूनम सिंह के मधुर गायन ने समां बांधा। वही सुरुचि सिंह, प्रिया सिंह और शेफाली सिंह की मनमोहक नृत्य के प्रस्तुतियों की सभी ने प्रशंसा किया। इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं पुरुषों और बच्चों ने डांडिया खनकाते हुए संगीत की धुनो पर जमकर थिरकते नजर आए। कार्यक्रम का कुशल संचालन शेफाली सिंह और जय श्री ने किया। उन्होंने अपने हास परिहास और ऊर्जावान अंदाज से न केवल दर्शकों को खूब हंसाया बल्कि सभी को मंच पर आकर नृत्य करने के लिए प्रेरित भी किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि राम प्रकाश दुबे विशिष्ट अतिथि सत्यनारायण दुबे उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कालोनी के गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।इस अवसर पर दशरथ सिंह, कमलाकांत तिवारी, ब्रह्मा शंकर सिंह, अनिल सिंह, अजय सिंह, गोपाल दुबे, मोनू सिंह, मनोज गुप्ता, सिद्धार्थ गौर, सिद्धार्थ सिंह, शैलेश सिंह, ज्ञान राय एवं संतोष कुमार उपस्थित रहे
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