गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन उत्तर प्रदेश वाराणसी में 5 अक्टूबर 2025 को गोंडवाना की वीरांगना महारानी दुर्गावती मरावी जी का 501वां जन्मोत्सव एवं मातृशक्ति सम्मान समारोह धूमधाम से मनाया गया। जन्मोत्सव कार्यक्रम में विश्वनाथपुर, भीमचण्डी क्षेत्र के मातृशक्तियों, पितृशक्तियों और युवाशक्तियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मातृशक्तियों ने वीरांगना महारानी दुर्गावती मरावी जी के तैल चित्र में अन्नरत्न, फूल माल्यार्पण एवं द्वीप जलाकर शुरुवात की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तिरुमाल सुक्खू सिंह मरावी प्रदेश अध्यक्ष ggp ने महारानी दुर्गावती मरावी जी के जीवन संघर्षों पर विस्तार से अपना विचार व्यक्त करते हुवे बताए कि 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर किले में जन्म हुवे और शहादत दिवस24 जून 1564 को जबलपुर में हुआ,भारत की एक महान वीरागना थीं जिन्होंने अपने विवाह के चार वर्ष बाद अपने पति दलपत शाह की असमय मृत्यु के बाद अपने पुत्र वीरनारायण को सिंहासन पर बैठाकर उसके संरक्षक के रूप में स्वयं शासन करना प्रारम्भ किया। इनके शासन में राज्य की बहुत उन्नति हुई। दुर्गावती को तीर तथा बंदूक चलाने का अच्छा अभ्यास था। चीते के शिकार में इनकी विशेष रुचि थी। उनके राज्य का नाम गढ़मण्डला था, जिसका केन्द्र जबलपुर था।कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश गोंड ,संचालक विनोद शाह मरकाम एवं आयोजक धर्मराज गोंड, ने किया, वक्तागढ़ राकेश मरावी जिला अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी। लालबहादुर गोंड, चहेतu गोंड ओमप्रकाश जी ने महारानी दुर्गावती के जीवन और गोंडवाना के महापुरुषों के प्रकाश डाले, उपस्थित, चंदन गोंड, अजय कुमार,रामचंद्र गोंड,, रामासरे गोंड, संतोष गोंड,शुभम गोंड, संदीप गोंड, विकाश गोंड, आकाश गोंड, सोनू गोंड, सहेंद्र गोंड, महेंद्र गोंड, मनोज गोंड, भोला गोंड, विजय गोंड, किरण देवी, निर्मला देवीआधुरी देवी, मुन्नी जी, सुखदाई , सुनीता गोंड, अनिल गोंड, आशीष, गोंड, रवि गोंड, सोनम गोंड, अर्चना गोंड, अनीता गोंड, सीखा गोंड, मुरारी, गोंड तनु गोंड, एवं समस्त कार्यकर्ता गढ़ उपस्थित रहे, महेंद्र प्रताप गोडसे की रिपोर्ट वाराणसी
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