वाराणसी।प्रकाशनार्थ आज दिनांक 9 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार एवं जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बाबा विश्वनाथ आदिवासी छात्रावास, तरना, शिवपुर, वाराणसी में एक दिवसीय आदिवासी संगोष्ठी कार्यक्रम ‘‘वर्तमान परिदृश्य में सशक्त जनजाति समाज एवं सशक्त भारत’’ विषय का आयोजन किया गया। संगोष्ठी कार्यक्रम मुख्य अतिथि के डाॅ. बृजभान मरावी, राज्य सदस्य, यू0पी0 कैम्पा, वन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं विशिष्ठ अतिथि श्री धिरेन्द्र प्रसाद खरवार, अध्यक्ष-एससी/एसटी कर्मचारी यूनीयन सेल, बीएचएल हर्प, वाराणसी ने बिरसा मुख्य जी के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलन कर संगीष्ठी का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि डाॅ. बृजभान मरावी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस देश के जल जंगल जमीन के असली रखवाले आदिवासी हैं जिन्हें जिन्होंने प्रकृति पर्यावरण, जीव-जंतु को बचाकर तथा एक सूत्र में बाध कर रखा है। इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस का विषय ‘‘आदिवासी समाज के आत्मनिर्णय के प्रतिनिधि के रूप में आगे आने की भूमिका’’ पर दिवस मना रहा है। जिसे भारत में भी हर्षांेल्लास के साथ मनाया जा रहा है। आदिवासी समाज को अपने हक और अधिकार को संरक्षित रखने के लिए उच्च शिक्षा एवं तकनीकी ज्ञान तथा संस्कृति को आगे लाते हुए नेतृत्व के साथ भारत की विकास में अपनी को मजबूदी देना होगा तभी सशक्त भारत का निर्माण होगा। कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि श्री धिरेन्द्र प्रसाद खरवार, अध्यक्ष-एससी/एसटी कर्मचारी यूनीयन सेल, बीएचएल हर्प, वाराणसी ने इस अवसर पर कहा कि भारत विभिन्न सांस्कृतिक विविधताओं वाला देश है जो संस्कृतिक पहचान से अपनी अहम भूमिका रखता है। देश के तरक्की में प्रत्येक आदिवासी समुदाय कदम से कदम मिलाकर योगदान दे रहा है। साथ ही कहा कि यह कदम और आगे तेजी से तक बढ़ेगा जब आदिवासी समाज के लोग अनेक विसंगतियां कमियों तथा बुराइयाॅ जैसे अशिक्षा, नशाखोरी, अंधविश्वास बेरोजगारी, सूदखोरी से दूर रहकर स्वयं निर्णय लेकर अपने रोजगार के क्षेत्र में आगे होगें तो सर्वांगीण विकास की ओर भारत तेजी से बढ़ेगा। इस अवसर पर जनजातीय शोध एवं विकास संस्थान द्वारा आयोजित कम्पयूटर प्रशिक्षण के सफल हुए छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। आज के संगोष्ठी के अवसर पर अनेक वक्ताओं ने भी अपना बात रखा। कार्यक्रम का संचालन श्री परमात्मा गोंड, सहायक अधिक्षक-बाबा विश्वनाथ आदिवासी छात्रावास, तरना वाराणसी। सहित अखिलेश कुमार गोंड, संतोष कुमार, अजय, अर्सफी, मिथलेश, ओमप्रकाश, सुचित कुमार आदि लोग उपस्थित रहें। डॉ बनवारी लाल गोंड(निदेशक/अध्यक्ष)जनजातीय शोध एवं विकास संस्थानवाराणसी, उत्तर प्रदेश
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