श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद 21 अगस्त को श्रीकृष्ण की छठी मनाई गईजमानियां। नगर कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट के पास श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद 21 अगस्त को श्रीकृष्ण की छठी मनाई गई। जिसमें मंदिरों और घरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुछ भक्त जिन्होंने 16 अगस्त को जन्माष्टमी का व्रत रखा था। वह 21अगस्त को कान्हा की छठी मनाया। छठिहार के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा सोहर गीत का आयोजन किया गया। जिसके बाद प्रसाद भोजन भंडारा कार्यक्रम आयोजित हुआ। बताया जाता है। कि जन्माष्टमी और छठी का महत्व विशेष रूप में बहुत ही प्रचलित है। क्योंकि यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का दिन है। युवा ब्राह्मण पुजारी माधव पांडेय ने बताया कि छठीहार जन्म के छठे दिन मनाए जाने वाले इस पर्व को छठिहार कहते हैं। इस दिन बच्चों के जन्म के छठे दिन छठी पूजन की परंपरा निभाई जाती है। जो भगवान श्रीकृष्ण के साथ भी की जाती है। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया गया था। और फिर उसके छठवें दिन 21 अगस्त को कान्हा की छठी पर्व मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। पांडेय ने बताया कि नगर कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कृष्ण भक्तों द्वारा हर्षोल्लास के साथ छठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। छठिहार के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही प्रसाद के रूप में भोजन भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमें हजारों भक्त भोजन ग्रहण किया। माधव पांडेय ने बताया कि कुछ लोग 15 अगस्त को जन्माष्टमी मनाते हैं। तो कुछ 16 अगस्त को इसलिए छठी मनाने की तारीखें भी थोड़ी अलग हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग जन्माष्टमी 15 अगस्त को मनाते हैं। वह 21 अगस्त को छठी मनाते हैं। और जो 16 अगस्त को मनाते हैं। वह 22 अगस्त को मनाते हैं। यह जानकारी 15/16 अगस्त की जन्माष्टमी के आधार पर होता है। उक्त मौके पर व्यापार मंडल के युवा जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, राजू पांडेय, माधव पांडेय, संतोष शर्मा, अंजनी कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के भावी प्रत्याशी राजू रतन सिंह यादव, विशाल वर्मा, शशि शेखर उपाध्यक्ष, राजेश वर्मा, रितेश कुमार वर्मा, शशिकांत बर्नवाल, सच्चिदानंदन, सचिन कुमार वर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सलीम मसूरी की रिपोर्ट जमानिया
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