स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि, गोपाल बिला को ऐतिहासिक धरोहर घोषित करने की मांग वाराणसी। स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर श्री चित्रगुप्त महासभा के तत्वावधान में अर्दली बाजार स्थित गोपाल बिला परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर महान संत को नमन किया और 123 दीपों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।सभा में उपस्थित वक्ताओं और नागरिकों ने एक स्वर में केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार से गोपाल बिला को "राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहर" घोषित करने की पुरजोर मांग की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आशुतोष सिन्हा (एम एल सी) ने प्रशासन व शासन की इस ऐतिहासिक स्थल के प्रति उपेक्षा और विकास के नाम पर इसे मिटाने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की।उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल संन्यासी नहीं, अपितु राष्ट्र निर्माण के पुरोधा, क्रांतिकारी विचारक और युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति की आत्मा को पुनः विश्वपटल पर प्रतिष्ठित किया। उनका काशी से गहरा आत्मिक संबंध था।अन्य वक्ताओं ने कहा कि स्वामी जी अपने जीवनकाल में तीन बार काशी आए, और मई 1902 में अंतिम बार जब वे काशी आए, तब उन्होंने अर्दली बाजार स्थित गोपाल बिला भवन में 39 दिनों तक निवास किया। यह भवन वर्तमान में एलटी कॉलेज के परिसर में स्थित है।यह स्थल आज भी उनकी आध्यात्मिक साधना, ऐतिहासिक संवादों और प्रेरणादायी गोष्ठियों का सजीव साक्ष्य है। लेकिन दुख की बात है कि यह स्मारक आज सरकारी उपेक्षा का शिकार हो चुका है। यहां अब शिक्षा विभाग के कुछ कार्यालय, एक पुलिस थाना और पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के दायित्व के विपरीत है। विनोद भैयाजी, जो पिछले 11 वर्षों से इस धरोहर को संरक्षित कराने के लिए संघर्षरत हैं, ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, पीएमओ, जिलाधिकारी, विधायक व अन्य संबंधित विभागों से कई बार संवाद किया, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेताया कि यदि जनता ने इस मुद्दे पर अपनी आवाज नहीं उठाई तो यह धरोहर नष्ट हो जाएगी और आने वाली पीढ़ी हमें इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी।सभा में मौजूद अन्य गणमान्य नागरिकों में अरविन्द श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, राजीव सिन्हा, प्रकाश चंद श्रीवास्तव, हरिकेश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, सहित दर्जनों की संख्या में अधिवक्तागण सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक मत से केन्द्र सरकार से एवं प्रदेश सरकार से अपील की कि गोपाल बिला को तुरंत ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वामी विवेकानंद के इस महान योगदान से प्रेरणा ले सकें। साभार। नवीन प्रकाश सिंह।
kashideephindinewspaper
0
एक टिप्पणी भेजें