दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी। आज सुबह तड़के रथयात्रा महमूरगंज स्थित बनारस स्वर्ण कला केन्द्र के दुकान में भीषण आग लग गई आग लगने की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई और जवानों के अदम्य साहस से बड़ा हादसा टल गया। प्रातः 05:35 बजे नियंत्रण कक्ष को सूचना मिलते ही मात्र एक मिनट बाद 05:36 बजे भेलूपुर अग्निशमन केन्द्र से दो और चेतगंज अग्निशमन केन्द्र से तीन, कुल पाँच दमकल गाड़ियाँ आवश्यक कर्मचारी व उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी वाराणसी आनन्द सिंह राजपूत के निर्देशन एवं अग्निशमन अधिकारी भेलूपुर के नेतृत्व में आग बुझाने का कार्य प्रारंभ हुआ। घटनास्थल पर कुछ शटर बंद होने के कारण भीतर प्रवेश में बाधा आ रही थी, जिस पर चेतगंज से बहु-आपदा मोचन वाहन मंगाकर शटरों के ताले काटे गए। भूतल पर कृत्रिम छत, लकड़ी के सामान, घड़ी की दुकान और सोने-चांदी का सुरक्षित कक्ष स्थित था, जिसमें लकड़ी के सामान और कृत्रिम छत जल गई थी, जिसे बुझा दिया गया। अंदर धुआँ काफी भर गया था और आग की गर्मी प्रथम तल तक पहुँच गई थी, जहाँ साड़ियों का प्रदर्शन कक्ष है। दमकल कर्मियों ने श्वास यंत्र धारण कर सीढ़ी के सहारे ऊपरी तल पर चढ़कर काँच की दीवारें तोड़कर धुआँ बाहर निकाला और ठंडा करने की कार्रवाई की गई। आग बुझाने के दौरान कुछ कर्मियों की उंगलियों में आंशिक चोटें भी आईं, फिर भी उन्होंने उपचार के बाद भी अभियान जारी रखा और अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 08:35 बजे आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया। आग को किसी अन्य भवन में फैलने से रोक लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
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