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नेमी स्नानार्थियों ने जल पुलिस पर लगाया दुर्व्यवहार करने का आरोप 

वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार की रिपोर्ट
 वाराणसी। काशी में रहना और गंगा स्नान करना और बाबा विश्वनाथ को एक लोटा जल चढ़ाना काशी वासियों की दिनचर्या में शामिल है। लगभग पचास हजार काशीवासी रोज गंगा में स्नान करते हैं। अस्सी घाट से लेकर आदि केशव घाट तक नियमित गंगा स्नान करने लोग आते हैं। गंगा में आए बाढ़ के कारण इन दिनों गंगा का पानी अपने मूल स्थान से थोड़ा ऊपर है। जिला प्रशासन द्वारा स्नानार्थियों  की सुरक्षा के लिए सभी प्रमुख घाटों पर जेटी लगाया गया है लेकिन यह जेटी नेमी स्नानार्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है l सबसे पहली बात यह है कि जेटी सही जगह पर नहीं लगाया गया है। जेटी कमरभर पानी के बहुत नीचे लगा होने के कारण लोग ठीक से गंगा में डुबकी नहीं लग पा रहे हैं और अगर वह थोड़ा सा प्रयास करके आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो जल पुलिस द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। नेमी गंगा स्नान करने वालो का कहना है कि इनके दुर्व्यवहार के कारण वह गंगा स्नान करना छोड़ने पर मजबूर है। लोगों का कहना है कि एक तो जल पुलिस के जवान  ड्यूटी के दौरान मोबाइल में मशगूल रहते हैं अगर कोई डूब रहा होता है तो हम नेमि स्नान करने वाले उनको बचाते हैं और जब वह बच जाते हैं तो ये जल पुलिस वाले हाथ में आटा पोत भंडारी बनते हैं।

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