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पिशाच मोचन कुंड पर त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए उमड़ी भीड़काशी में सर्व पितृ अमावस्या पर पिंडदानियों का मेला

विजय कुमार की रिपोर्ट

वाराणसी। काशी में सर्व पितृ अमावस्या पर शनिवार को पिंडदानियों का मेला लगा। गंगा के विभिन्न घाटों से लेकर पिशाच मोचन कुंड तक सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। लोगों ने अपने पितरों की आत्मा की शांति, मुक्ति और मोक्ष की कामना से गंगा में स्नान किया। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में तर्पण, पिंडदान और त्रिपिंडी श्राद्ध सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। पिशाच मोचन कुंड पर विशेष रूप से अकाल मृत्यु से जुड़े पितरों की शांति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध कराने वाले श्रद्धालु पहुंचे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या कहा जाता है। यह पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है। इस दिन उन सभी पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध पितृपक्ष के दौरान किसी कारण से नहीं हो पाया हो। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण और पिंडदान से पितरों को शांति मिलती है।
काशी के पिशाच मोचन कुंड पर त्रिपिंडी श्राद्ध कराने की विशेष धार्मिक मान्यता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों और अकाल मृत्यु को प्राप्त परिजनों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड कराते हैं।

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