वाराणसी काशी दीप विजन - किसानों को अनुदानित बीज उपलब्ध कराने हेतु खुले तीन अतिरिक्त बिक्रय केन्द्र,आठ केन्द्र पहले से ही हैं संचालित वाराणसी --रबी अभियान को सफल बनाए जाने हेतु कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय से सरसों, चना, मटर एवं गेहूं का बीज अनुदान पर विगर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जनपद के सभी आठ राजकीय कृषि बीज गोदाम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।साथ ही उच्च गुणवत्ता का बीज तथा अनुदान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को प्राप्त हो सके इसके लिए इस बार 8 राजकीय कृषि बीज गोदान के अतिरिक्त संस्थाओं के तीन केन्द्रों क्रमशः उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम चांदपुर चौराहा कलेक्ट्री फॉर्म, राष्ट्रीय बीज निगम रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया,तथा राष्ट्रीय बीज निगम कैलगढ़ मार्केट जगतगंज निकट साहू ब्रदर्स जगतगंज से भी गेहूं, चना, मटर एवं सरसों का बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वर्तमान समय में सरसों, चना, मटर की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय चल रहा है। अधिक उत्पादन प्राप्त किए जाने हेतु किसी भी तरह का विलंब किए बगैर अपने विकासखंड के राजकीय बीज गोदाम से अथवा उक्त तीन केंद्र जो अन्य संस्थाओं के हैं, उनसे अनुदान पर बीज प्राप्त करके समय से बुवाई सुनिश्चित कर लें। विलंब से बुवाई की दशा में सरसों की फसल में रोग, कीट एवं पाले का प्रकोप होने के कारण उत्पादन कम होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसी तरह से चना एवं मटर के भी उत्पादन प्रभावित होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया गेहूं का बीज जनपद के सभी केन्द्रों पर अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन किसान भाइयों को गेहूं की बुवाई करना है उसमें भी फिल्म्स ना करें उसमें भी विलंब ना करें और अपने राष्ट्रीय कृषि बीज गोदाम से बीज प्राप्त करके 15 नवंबर तक गेहूं की बुवाई भी कर लें। गेहूं की बुवाई में विलंब करने से आगे चलकर तापमान ज्यादा हो जाने के कारण दाने पतले हो जाते हैं और उत्पादन में काफी गिरावट आती है।जिन किसानों को सरसों की खेती करनी है। उनको मेरी सलाह है कि उर्बरक के रूप में एनपीएस का प्रयोग करें। इसमें नाइट्रोजन फास्फोरस के साथ सल्फर भी पाया जाता है। इससे सरसों की फसल का उत्पादन एवं तेल की मात्रा बढ़ जाती है।एनपीएस उर्बरक जनपद के समस्त सहकारी समितियों एवं निजी केन्द्रो पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी केंद्र से ई-पाश मशीन में अंगूठा लगाकर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही जनपद में पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं डीएपी भी उपलब्ध है। किसी भी क्षेत्र में किसी भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
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