दिनांक: 6 अक्टूबर 2025 काशी दीप विजन | स्थान: नई दिल्ली🧨 सुप्रीम कोर्ट में हंगामा! वकील ने CJI पर जूता फेंकने की कोशिश“सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” चिल्लाता रहा आरोपी, सुरक्षा कर्मियों ने दबोचानई दिल्ली, ब्यूरो नवीन प्रकाश सिंह।सुप्रीम कोर्ट की सर्वोच्च गरिमा सोमवार को उस समय हिल गई जब एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। अचानक हुई इस घटना से कोर्ट कक्ष में अफरा-तफ़री मच गई।घटना सुबह की सुनवाई के दौरान घटी, जब आरोपी वकील ने अपनी बारी आने से पहले ही ज़ोरदार आवाज़ में चिल्लाना शुरू कर दिया — “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान!” — और जूता उतारने लगा। इससे पहले कि वह फेंक पाता, कोर्ट की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, कोर्ट हॉल में मौजूद लोग कुछ क्षणों के लिए स्तब्ध रह गए। आरोपी को तत्काल हिरासत में लेकर कोर्ट परिसर से बाहर निकाला गया।CJI गवई का शांत जवाब — “ऐसी चीज़ें मुझ पर असर नहीं डालतीं”घटना के बाद भी CJI बी.आर. गवई ने अपनी शालीनता और संयम का परिचय देते हुए कहा,> “ऐसी चीज़ें मुझ पर असर नहीं डालतीं।”उन्होंने अदालत की कार्यवाही को बिना रुके जारी रखा और कहा कि न्यायालय की गरिमा किसी भी परिस्थिति में बनी रहनी चाहिए।कोर्ट की सुरक्षा पर उठे सवालइस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इसे “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि इतनी सख़्त जांच के बावजूद किसी का जूते सहित कोर्ट हॉल तक पहुंच जाना सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक है। धार्मिक नारे और न्यायपालिका की गरिमाघटना के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने आरोपी की नारेबाज़ी को न्यायपालिका के प्रति “असम्मानजनक और अस्वीकार्य” बताया। वहीं कुछ लोग इसे “धार्मिक भावनाओं से जुड़ी प्रतिक्रिया” कहकर सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।संपादकीय टिप्पणी:> “लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसका न्यायालय है। असहमति का अधिकार सबको है, मगर अदालत में अराजकता की कोई जगह नहीं हो सकती।”
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