Top News

काशी दीप विजन वाराणसी -- साइबर पुलिस ने जेप्टो कम्पनी की फ्रैंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले दो ठगों को जमशेदपुर से किया गिरफ्तार कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटाप, सिमकार्ड, वाई-फाई राउटर तथा कुछ नगदी किया बरामद वाराणसी -- रोहनिया थाना क्षेत्र के आयुष कुमार पुत्र संजय कुमार के साथ साइबर ठगों द्वारा 20,16,500/ की हुई ठगी पर 13.8.2025 को साइबर थाने में दी गयी तहरीर को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त वाराणसी व पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी. के निर्देशन में तथा अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान व सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम विदूष सक्सेना के नेतृत्व में गठित प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम गोपाल जी कुशवाहा की साइबर पुलिस टीम द्वारा इलेक्ट्रॉनिक, सर्विलांस व डिजिटल फुटप्रिंट आदि के आधार पर घटना में शामिल गैंग के सरगना सहित दो शातिर अभियुक्तों की पहचान की गई और उन्हें जमशेदपुर टाटानगर झारखंड व नालंदा बिहार से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 14 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, तीन सिम कार्ड, 4 फर्जी कूटरचित दस्तावेज, दो वाईफाई राउटर तथा 54,500/ नगदी बरामद किया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों का नाम शांतनु कुमार पुत्र नागेंद्र प्रसाद निवासी गोईलकेरा ईस्ट सिंहभूमि जमशेदपुर झारखंड व मूल पता वारिस अलीगंज जनपद नेवादा बिहार तथा दूसरे का विकास कुमार पुत्र अनिल प्रसाद निवासी लालबीघा थाना काशीचक जनपद नेवादा बिहार बताया गया। इस साइबर ठगी गैंग का सरगना शांतनु कुमार ही था। दोनों साइबर ठगों को सोमवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए पुलिस आयुक्त अपराध सरवणन टी. ने बताया कि घटना में संयुक्त साइबर अपराधियों द्वारा वेल इस्टैब्लिश्ड कंपनियों जेप्टो, ब्लिंकिट, वाल्वो, अमूल डेयरी, धाकी फाइनेंस, जूडियो इत्यादि की फर्जी वेबसाइट बनाई जाती है, तथा उसका विज्ञापन विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे मेटा, गूगल आदि पर चलाया जाता है। जिससे कोई भी व्यक्ति यदि उन कंपनियों से संबंधित कोई भी कीवर्ड सर्च करता है तो यही वेबसाइट पहले दिखती है। जिससे आम आदमी झांसे में आकर उसपर अपना सारा डाटा भर देता है। यह डाटा इन साइबर अपराधियों के पास वेबसाइट के वेब ईमेल फीचर के माध्यम से पहुंच जाता है। फिर उनके द्वारा उन लोगों को कॉल कर कंपनी का फर्जी कूट रचित इंटेंट लेटर, रजिस्ट्रेशन फॉर्म, फर्जी इनवॉइस आदि भेज कर पूर्ण रूप से झांसे में फंसा लिया जाता है। फिर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी आदि के नाम पर रूपयों की ठगी किया जाता है।इस गिरोह का सरगना शान्तनु पूर्व मे महाराष्ट्र मे साइबर अपराध मामले में भी जेल जा चुका है। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को भा0द0वि0 की धारा 318(4) बीएनएस 66 डी आईटी एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम गोपाल जी कुशवाहा, निरीक्षक राकेश कुमार गौतम, उ0नि0 संजीव कन्नौजिया, उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार, उ0नि0 विवेक सिंह,स0उ0नि0 गौतम तोमर, हे0का0 रजनीकांत, हे0का0 गौतम कुमार, हे0का0 विजय कुमार,का0 चन्द्रशेखर यादव, देवेंद्र यादव, दिलीप यादव, मनीष सिंह, अनिल मौर्य, धर्मेंद्र यादव, सूर्यकुमार, मुकेश कुमार, बृजेश कुमार, त्रिलोकी कुमार आदि शामिल रहे।फोटो -01- दोनों ठगों को माडिया के सामने पेश करते डीसीपी क्राइम, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

Post a Comment

और नया पुराने