पशुओं में बीमारी संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण (Vaccination) का एक प्रमुख तरीका है। यह जानकारी पशु चिकित्सक डॉ सर्वेश कुमार ने दी।जमानियां। पशुओं में बीमारी संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण (Vaccination) का एक प्रमुख तरीका है। बताया जाता है। कि पशुओं में बीमारियों के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित की जाती है। उचित टीकाकरण पशुओं को खुरपका-मुँहपका रोग, ब्रुसेलोसिस और अन्य वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों से बचाता है। उक्त जानकारी पशु चिकित्सक डॉ सर्वेश कुमार ने बताया कि पशुओं में बीमारी संक्रमण से बचाव के लिए टीका कारण वैक्सीनेशन का एक प्रमुख तरीका है। जिससे पशु स्वास्थ्य और उत्पादकता में वृद्धि होती है। इसके अलावा पशुओं को स्वच्छ वातावरण प्रदान करना होता है। जिसके चलते उचित आहार देना और जैवसुरक्षा नियमों का पालन करना भी महत्वपूर्ण होता है। जो संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं। डॉ सर्वेश कुमार ने बताया किटीकाकरण के लाभ प्रतिरक्षा विकास जैसे टीके पशुओं के शरीर में रोगजनकों (जैसे वायरस या बैक्टीरिया) के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित करने में मदद करते हैं। जिससे वे भविष्य में बीमारी के प्रति प्रतिरोधी बन जाते हैं। पशुचिकित्सक डॉ सर्वेश कुमार ने बताया कि टीकों को इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है। कि वे बीमारियों के नैदानिक लक्षणों को रोकने के साथ-साथ संक्रमण को ही रोक सकें। और टीकाकरण से बीमारियों से होने वाले दर्द और कष्ट को कम किया जा सकता है। जिससे पशु कल्याण बढ़ता है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे कुछ जूनोटिक रोग, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलते हैं। जैसे रेबीज उनके टीकाकरण से मानव स्वास्थ्य की भी रक्षा होती है। सर्वेश कुमार ने बताया कि पशुओं को साफ-सुथरे स्थानों पर रखना चाहिए। जैसे कि उनके बांधने या दूध दुहने की जगह की सफाई रखना अनिवार्य होता है। और संक्रमण को रोकने के लिए महत्वपूर्ण भी होता है। उन्होंने बताया कि पशुओं को संतुलित आहार और हरा चारा नियमित रूप से देना भी उनके स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। संक्रमण की रोकथाम के लिए उचित जैवसुरक्षा के उपाय अपनाना भी बहुत आवश्यक है। जिसमें संक्रमित पशुओं को अलग रखना और स्वच्छता बनाए रखना शामिल है। सलीम मंसूरी जमानिया
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