उदय प्रताप कॉलेज के कृषि संकाय में दीक्षारम्भ कार्यक्रम का हुआ शुभारम्भ वाराणसी -- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की छठी डीन समिति की अनुशंसाओं के अनुरूप शुक्रवार को कृषि संकाय में बीएससी ऑनर्स कृषि प्रथम सेमेस्टर के नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए " दीक्षारम्भ " कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को कॉलेज के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक वातावरण से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें जीवन कौशल, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता एवं सहयोग की भावना के विकास हेतु आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रेरणादायक व्याख्यानो, संवाद सत्रों, संस्थान की प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एवं कृषि विज्ञान केंद्र बरकक्षा (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) के प्रधान वैज्ञानिक प्रोफेसर गुरु प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों के द्वारा राजर्षि जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कराया गया।इस मौके पर मुख्य अतिथि ने भारतीय कृषि ज्ञान परम्परा की व्याख्या की। उन्होंने ऋग्वेद में वर्णित फसल वितरण सिद्धांत ( दाना मनुष्यों के लिए, डंठल पशुओं के लिए, जड़ पृथ्वी के लिए) का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी कृषि परम्परा में हर तत्व का संतुलित उपयोग सूनिश्चित किया गया है। प्रोफेसर सिंह ने बताया कि पूर्वांचल में खेती (एग्रीकल्चर) बारी(हार्टिकल्चर) और गोरूवारी(एनिमल हसबैन्ड्री)का समन्वयात्मक अभ्यास था। जिसे आज पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने गोबर आधारित उत्पादों की उपयोगिता और उसमें निहित उद्यमिता की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन समितियों की तरह गोबर उत्पाद सहकारी समितियां भी बनाई जानी चाहिए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने गौरवशाली परम्परा और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नवागंतुक विद्यार्थियों को कृषि के क्षेत्र में उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित किया। द्वितीय सत्र में शस्य विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर देवनारायण सिंह एवं अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग की प्रो. प्रज्ञा पारमिता ने आईसीएआर की छठी डीन समिति के पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम में लागू मल्टीपल एंट्री व एग्जिट विकल्प, सेमेस्टर प्रणाली परीक्षा व्यवस्था और क्रेडिट आवश्यकताओं की व्याख्या की। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत कृषि संकायाध्यक्ष प्रो.आरपी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित उद्यान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने तथा संचालन प्रो. प्रज्ञा पारमिता ने किया। इस अवसर पर प्रो. मनीष कुमार सिंह, प्रो. आलोक कुमार सिंह, प्रो. संजय शाही, प्रो. संजीव सिंह, डॉ. श्याम बाबू वर्मा, डॉ. शशी बाला, डॉ. पुष्पराज शिव हरे, डॉ प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. शिवराज वर्मा, डॉ गौरव सहित कृषि संकाय के शिक्षकगण, संकायाध्यक्ष, कार्यालय के डॉ. सतीश कुमार सिंह, ओम प्रकाश सिंह एवं छात्र,छात्राएं उपस्थित रहे-दीप प्रज्वलन करते मुख्य अतिथिगण, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
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