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अखिलेश जिस संविधान को बचाने की बात कर रहे हैं वो उनके साथ बैठा है। ये अब्दुल अपने आप में संविधान है। इसके घर में बिजली का मीटर भी तब लगा है, जब पुलिस और पीएसी के जवान गए हैं। इतनी जलालत झेलने के बाद वही कर्म करना कोई सपाईयों से सीखे। गजब के वेशर्म और निर्लज्ज लोग सपा में हैं।पहले इसका बाप शफीकुर्रहमान भी संविधान था, जिसने 184 हिंदूओं को जिंदा जलवाया, महिलाओं के साथ रेप करवाए, दुकानें घर सब लूट लिए गए वो भी सपा का प्रिय सांसद था। नाम समाजवादी और कार्य सारे अराजकतावादी वाले रहे हैं। उत्तर प्रदेश में माफियाओं को किसी दल ने सरंक्षण दिया है तो वह सिर्फ और सिर्फ समाजवादी पार्टी रही है।इंसान के शरीर से खाल उतारकर उसे चौराहे पर टांगने वाले, पूरे थाने को घर में कैद करने वाले अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी भी नमाजवादियों के संविधान रह चुके हैं। अतीक के मिट्टी में मिलने के पीछे भी यही अखिलेश ही जिम्मेदार रहे मुख्तार के अंत से आहत होकर अखिलेश तो फातिया पढ़ने मऊ तक जा पहुँचे थे। अफजल के साथ बिरयानी खाने की फोटो अलग वायरल हो गई थी।इसी संविधान को खतरा है। संघ और भाजपा से जिसे बचाने के लिए कांग्रेस और नमाजवादी मारे जा रहे है, साक्षी सिंह की रिपोर्ट वाराणसी! साभार

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