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वाराणसी दीक्षारम्भ के पांचवें दिन जिला कृषि अधिकारी ने छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं में जाने हेतु किया प्रेरित वाराणसी --भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की छठी डीन समिति की अनुशंसाओं के रूप में बीएससी ऑनर्स कृषि प्रथम सेमेस्टर के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम के पांचवें दिन उदय प्रताप कॉलेज वाराणसी के पुरातन छात्र जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य का प्रेरणादायक व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने छात्रों को कृषि क्षेत्र की प्रशासनिक सेवाओं के सारे पद और उससे संबंधित परीक्षा के बारे में बताते हुए देश की कृषि सेवाओं मे उदय प्रताप कॉलेज के कृषि संकाय के महत्व को रेखांकित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बदलती जीवन शैली के लिए पोषण प्रदान करने में कृषि की भूमिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायो फोर्टिफिकेशन सहित कृषि की सभी नई विधाओं की जानकारी दी। साथ ही साथ उन्होंने बुद्ध के अष्टांग योग के बारे में बताते हुए छात्रों को चेतना और पारम्परिक सहयोग की अवधारणा के मार्ग को भी अपनाने को कहा। कृषि संकाय के सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपने विभाग के विषय का महत्व एवं उसके पाठ्यक्रम के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग की प्रोफेसर प्रज्ञा पारमिता ने अतिथियों का स्वागत कृषि संकायाध्यक्ष प्रो.आरपी सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापित उद्यान विज्ञान विभाग के प्रो.धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने किया। कृषि संकाय के वरिष्ठतम विभागाध्यक्ष कृषि अर्थ शास्त्र विभाग के प्रोफेसर मनीष कुमार सिंह ने छात्रों को जीवन में स्केल, स्किल और स्पीड के महत्व को बताते हुए उन्हें उदय प्रताप कॉलेज की गुरु शिष्य परंपरा से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रोफेसर अजय प्रकाश सिंह, प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह, प्रोफेसर संजय कुमार शाही, प्रोफेसर कुलदीप सिंह, डॉक्टर राजेश कुमार राय, डॉक्टर कुलभूषण आनंद, डॉक्टर शशी बाला, डॉक्टर मनीष, डॉक्टर देवनारायण सिंह सहित अनेक शिक्षक गण एवं नव प्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।फोटो -04- पुरातन छात्र जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह को सम्मानित करते प्राचार्य, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

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