कूड़े की ढेर में मिली जीवन रक्षक दवाइयांजमानियां। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित कूदे की ढेर में फेंकी गई सरकारी दवाइयां पाई गईं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। मरीजों को मुफ्त में दी जाने वाली ये दवाइयां अक्सर बाहर की दवाइयों के मुकाबले कूड़े कचरा की ढेर में फेंकी जा रही है। इस संबंध में व्यापार मंडल के जिला युवा उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता नारायण दास चौरसिया, वीरेंद्र कुमार, एडवोकेट इमरान नियाजी, व्यापार मंडल स्टेशन बाजार अध्यक्ष सतीश जायसवाल, बृजेश कुमार जायसवाल, शंकर गोस्वामी आदि लोगों ने बताया कि जिस दिन से केंद्र प्रभारी चिकित्सक डॉ गुलाब शंकर पटेल के हाथ में चार्ज दी गई है। तभी से कूड़े की ढेर में मिल रही है। जीवन रक्षक दवाइयां, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों की लापरवाही उजागर हो रहा है। मुन्ना गुप्ता, नारायण दास ने बताया कि मरीजों को मुफ्त में दी जाने वाली सरकारी दवाइयां कूड़े में फेंकी जा रही हैं। परिसर के एक कोने में स्थित कूड़े कचरा में सरकारी दवाइयां मिलने से सनसनी फैल गई। यह दवाइयां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बताई जा रही हैं। शनिवार की सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के एक आवासीय भवन के कोने में कूड़ों के बीच सरकारी अस्पताल की दवाइयां फैली मिलीं है। उन्होंने बताया कि यह जीवन रक्षक दवाइयां अस्पताल में आने वाले मरीजों को मुफ्त में बांटी जाती हैं। परंतु, अस्पताल में आने वाले मरीजों को ज्यादातर बाहर की दवाइयां कमीशन के चक्कर में चिकित्सकों द्वारा लिख जाती हैं। सरकारी दवाइयां इसी तरह कूड़ों में या तो फेंक दी जाती हैं, या फिर इन्हें जलाकर नष्ट कर दिया जाता है। स्वास्थ्य केंद्र परिसर स्थित दवाइयों से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एवं कमीशनबाजी की पोल खुल गई हैं। इस बाबत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सक डॉ गुलाब शंकर पटेल ने बताया कि, सरकारी दवाइयां कूड़े में फेंकना नियम के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि यह सरकारी दवाइयां फेंककर साजिश रची जा रही हैं। उन्होंने जांच-पड़ताल किए जाने की बात कही है।
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