काशी दीप विजन, संवाददाता दिनेश, गोंड समाज महासभा ने महामहिम राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री,राज्यपाल ,मुख्यमंत्री को लिखा पत्र* बी एस परतेती गोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश- के प्रदेश अध्यक्ष श्री बी एस परतेती ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के आदिम जाति कल्याण मंत्री माननीय श्री कुंवर विजय शाह के द्वारा आपरेशन सिंदूर के संबंध में दिए गए बयान पर माफीनामा के बाद माफ किए जाने पूरे मध्यप्रदेश- के समस्त कमेटी, प्रकोष्ठ की ओर से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा है जिसमे उल्लेख किया गया है यह गोंड आदिवासी पहचान और भेदभाव का मुद्दा भी है , • यह दिखाना ज़रूरी है कि माननीय मंत्री कुंवर विजय शाह जी एक गोंड आदिवासी नेता हैं। 1-•यह है कि समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने व्योमिका सिंह के लिये जाति सूचक शब्द कहे इससे और पहले भी और भी कई लोगों ने कई बार ग़लत या विवादित बातें कही हैं, लेकिन उनके खिलाफ इतनी तीव्र प्रतिक्रिया नहीं आई इसलिए नही आई है क्योंकि वे गोंड आदिवासी नही थे। • रामगोपाल यादव एक उच्च जाति के प्रभावशाली व्यक्ति है, तो मामला जल्द ही ख़त्म कर दिया जा रहा है । • विजय शाह जी का गोंड आदिवासी समुदाय से होने के कारण ही उनकी भाषा और उच्चारण में अंतर है, इसलिए वह अपने विचारों को सही ढंग से व्यक्त नहीं कर पाए। 2. यह है कि भाषण की असल भावना: देशभक्ति और सेना की सराहना करना था। • अगर पूरा भाषण ध्यान से सुना जाए, तो साफ़ होता है कि उनका उद्देश्य देशभक्ति दिखाना था। • वे भारतीय सेना की तारीफ़ कर रहे थे और यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि हमारे देश के मुस्लिम कितने गर्व और सम्मान के साथ खड़े होते हैं। • वे पाकिस्तान के मुसलमानों और भारतीय मुसलमानों के बीच फर्क दिखा रहे थे। 3.यह है कि उनके शब्दों की गलत व्याख्या और भाषा संबंधी बाधा ,,, slip of tongue • उन्होंने “काटे-पीटे” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका आशय पाकिस्तान के आतंकवादियों से था, ना कि किसी समुदाय से। • “उनकी बहन” कहने का मतलब किसी व्यक्तिगत या आपत्तिजनक टिप्पणी से नहीं था — उनका मतलब था भारतीय मुस्लिम समुदाय की एक बहन। • वह तुलना करना चाह रहे थे कि जहाँ पाकिस्तान में महिलाएं आतंकवाद में लिप्त हैं, वहीं भारत में महिलाएं सेना और देश की सेवा में गर्व से आगे आ रही हैं। • लेकिन भाषा और अभिव्यक्ति में कमी के कारण उनका संदेश सही से सामने नहीं आ पाया। 4.यह है कि उनकी नियत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए • उन्होंने किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का इरादा नहीं रखा था। • असली मंशा भारतीय सेना और भारतीय मुसलमानों की प्रशंसा करना था। *- गोंड आदिवासी समुदाय से आने वाले माननीय मंत्री कुंवर विजय शाह जी के द्वारा उक्त विषय पर पूरे देश वासियों व सर्वजन समुदाय से माफी मांग लिए जाने के बाद भी तथाकथित लोग गलत तरह से प्रचारित कर रहे हैं, जो कि न्यायोचित नहीं है। तथा प्रकरण माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। अतः आप महामहिम व माननीय महोदयों से पूरे गोंड आदिवासी समुदाय की ओर से गोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश विनम्र अनुरोध करता है कि उक्त पूरे प्रकरण पर माफीनामा के बाद गोंड आदिवासी समुदाय के माननीय मंत्री कुंवर विजय शाह को माफ़ किया जाना न्यायोचित है, उन्हें माफ़ किये जाने की कृपा करें।बी एस परतेती प्रदेश अध्यक्षगोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश
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