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मस्जिदों व-घरों के पास स्थित इमाम चौकों पर हुई फातिहा ख्वानी, कर्बला के शहीदों की याद में नम हुईं आंखे जमानियां। मोहर्रम पर्व की तीसरी तारीख़ को यानि रविवार के दिन मस्जिदों व घरों के आसपास हज़रत सैयदना इमाम हुसैन व उनके जांनिसारों की याद में महफिलों का दौर जारी। शहीद-ए-आज़म इमाम हुसैन’ व कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों पर धर्मगुरुओं के द्वारा तकरीरें जारी। इसके साथ ही इमाम चौकों पर अगरबत्ती जलाने के साथ फातिहा ख्वानी के साथ कर्बला के शहीदों की याद में आंखे हुई नम इस दौरान इमाम चौकों के पास उलमा किराम ने ‘शहीद-ए-आज़म इमाम हुसैन’ व कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों पर तकरीर की. जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। और लबों से 'या हुसैन' की सदा जारी हुई। नगर कस्बा बाजार के लोदीपुर स्थित नूरी मस्जिद के इमाम असरफ करीम कादरी एवं शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा मोहर्रम की तीसरी तारीख पर चौधरी मोहल्ला स्थित मरहूम नेहाल शेख मंसूरी के आवास के पास इमाम चौक के पास तकरीर पेश करते हुए। कहा कि इमाम हुसैन ने दीन-ए-इस्लाम की खातिर सब कुछ कुर्बान कर दिया। लेकिन जुल्म करने वालों के आगे सिर नहीं झुकाया। इमाम हुसैन ने दीन-ए-इस्लाम का झंडा बुलंद कर नमाज़, रोजा, अज़ान व दीन-ए-इस्लाम के तमाम कवानीन की हिफाजत किया। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन के नक्शे कदम पर चलने की सलाह दिया। रजा ने कहा कि कर्बला से हक़ की राह में कुर्बान हो जाने का सबक मिलता है। कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों से ताकतवर से ताकतवर के सामने हक़ के लिए डटे रहने का जज्बा पैदा होता है। इमाम हुसैन से सच्ची मुहब्बत है। तो उनके नक्शे कदम पर चलने की पूरी कोशिश होना चाहिए। इस दौरान तीसरी अखाड़ा के साथ कई मोहल्लों के इमाम चौकों से जुलूस निकला। जुलूस देखने के लिए दूरहिया, बुद्धिपुर, पुरानी सटी बाजार, दुर्गा चौक आदि स्थानों और सड़क पर जमे रहे। लोग जगह जगह पर शर्बत, पानी पिलाने में अकीदतमंद लगे रहे। शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार अहमद खान वारसी द्वारा जगह जगह पर शर्बत और पानी पिलाने की व्यवस्था कराई। बता दें कि 6 मोहर्रम पर मरहूम नेहाल शेख मंसूरी के शहजादे दानिश मंसूरी के सौजन्य से अंजुम वालों के साथ अखाड़ा जुलूस में शामिल लोगों को शर्बत चाय पिलाने का सिलसिला 2004 से शुरू किया गया है। इस दौरान मौलाना तनवीर रजा ने मुस्लिम समाज से अपील की है। कि नौवीं व दसवीं मोहर्रम को सभी लोग रोज़ा रखकर इबादत करना चाहिए। उक्त मौके पर शाहिद जमाल मंसूरी, दानिश मंसूरी, अफजाल मंसूरी, फिरोज मंसूरी, ताबिश मंसूरी, जाहिद मंसूरी, एजाज मंसूरी, बेलाल मंसूरी, जमाल मंसूरी, कमाल मंसूरी असलम मंसूरी, मेराज मंसूरी सहित आदि लोग उपस्थित रहे। मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया

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