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*कृषि की संयुक्त टीम ने यूरिया का अवैध उपयोग करने वाले उद्योगों के विरुद्ध की छापेमारी *वाराणसी वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता प्रमुख सचिव कृषि विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के निर्देश पर जनपद में स्थापित औद्योगिक संस्था जैसे- कैटल फीड, साबुन, पेंट, बार्निस, मुद्रण स्याही, लिवास चादरें, प्लाईवुड,लेमिन बार्ड,पार्टीकल बोर्ड आदि के निर्माण में प्रयोग किये जा रहे अनुदानित यूरिया की जांच कर अनुदानित यूरिया के प्रयोग किए जाने पर संबंधित फर्मो के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने हेतु सोमवार को उर्बरक निरीक्षकों एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर छापेमारी की गई। इस टीम का गठन जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा किया गया। छापेमारी के दौरान कुल पांच औद्योगिक इकाइयों एवं उनके गोदामो का गहन निरीक्षण किया गया। कहीं पर भी अनुदानित यूरिया का प्रयोग नहीं पाया गया। जनपद के समस्त औद्योगिक संस्थानों जैसे- कैटल फीड, कुक्कुट फीड, साबुन, पेंट, बार्निश, मुद्रण स्याही, लिबास चादरें, प्लाईवुड, लेमन बार्ड, पार्टिकल बोर्ड आदि के निर्माण के प्रोपराइटर को निर्देशित किया जाता है कि जिन भी उत्पाद में अनुदानित यूरिया का प्रयोग किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार उर्वरक नियंत्रण अधिनियम1985 के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अवैध रूप से उर्वरकों की कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध यह अभियान निरन्तर चलता रहेगा। वर्तमान समय में जनपद में समस्त उर्बरक उपलब्ध है। जनपद के प्रत्येक क्षेत्र में उर्वरक की कोई भी कमी नहीं है। इसी के साथ जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने किसानो के हितों को देखते हुए कहा है कि वर्तमान समय में धान की नर्सरी डालने का सबसे उपयुक्त समय चल रहा है। जनपद के सभी राजकीय कृषि बीज भंडारों पर उच्च गुणवत्ता का धान प्रजाति सहभागी अनुदान पर उपलब्ध है। जो सूखा अवरोधी है। इसकी रोपाई कर कम पानी में भी अच्छा उत्पादन किसान भाई प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रजाति 100 दिन में पककर तैयार हो जाती है। इसकी उत्पादन क्षमता 40 से 45 कुंतल प्रति हेक्टेयर है। यह प्रजाति विलम्ब से बुवाई हेतु अति उपयुक्त है।जांच करते कृषि संयुक्त छापेमारी टीम के अधिकारी

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