प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों में मनमानी, समय का कोई ठिकाना नहीं। काशीदीप विजन संवाददाता सलीम मंसूरीजमानियां। नगर कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचने के कारण अस्पताल 9 बजे तक नहीं खुला रहा है। जिससे मरीजों को परेशानी का सबब रहा। गुरुवार को हिंदुस्तान टीम द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हालचाल जानने के लिए पड़ताल किया। तो पाया गया कि डाक्टरों में घोर उदासीनता के कारण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जो मरीजों को ठीक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने से काफी दिक्कत होने लगी है। जब की भीषण गर्मी में अस्पताल खोलने और बंद करने के लिए सुबह 8 बजे से 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। बताया जाता है। कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्बा जमानियां 9 बजे तक नहीं खुला था। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचे थे। जिससे कारण दवा वितरण कक्ष में 9 बजे तक ताला लगा रहा। इस दौरान मरीजों को डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के आने का इंतजार करना पड़ा। बता दें कि महिला चिकित्सक डॉ मनीषा सिंह की कुर्सी भी खाली पड़ी रही। दो माह से फार्मासिस्ट कि बदौलत वार्ड ब्याय दवा कक्ष में बैठकर वितरण कर रहे है। जब की समय पर स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों के लिए आपातकालीन और सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं, इसलिए उनकी समय पर उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी बनता है। कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी प्रकार की असुविधा को दूर कराने के लिए कार्यवाही करना चाहिए। लेकिन स्थानीय प्रशासन इस तरह की गंभीर समस्या के समाधान के लिए ध्यान नहीं दे रहे है। जब की अपने निर्धारित समय से होम्योपैथकी के साथ आयुर्वेदिक कक्ष खुला रहा।मोहम्मद इजहार खान, नारायण दास चौरसिया, वीरेंद्र कुमार, मुन्ना गुप्ता, इमरान नियाजी, त्रिलोकीनाथ निषाद आदि लोगों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिन पर दिन बदहाली के कगार पर पहुंच रहा है। लेकिन जिम्मेदार सुधार के लिए तैयार नहीं दिख रहे है। लोगों ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील होने को व्याकुल हो रहा है।
kashideephindinewspaper
0
एक टिप्पणी भेजें