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1-- पशुपालन में है रोजगार की अपार संभावनाएं-- प्रो.गुरूप्रसाद सिंह वाराणसी -- पशुपालन केवल पारंपरिक आजीविका नहीं, बल्कि बदलते समय में रोजगार और उद्यमिता का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। उक्त बातें राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के पूर्व निदेशक एवं प्रमुख वैज्ञानिक प्रो. गुरु प्रसाद सिंह ने गुरुवार को बतौर मुख्य अतिथि उदय प्रताप कॉलेज वाराणसी के कृषि संकाय में बीएससी ऑनर्स कृषि अष्टम सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में निहित स्टूडेंट रेडी कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित व्याख्यान के दौरान कही। उन्होंने "पशुपालन में रोजगार के अवसर " विषयक व्याख्यान के दौरान पशुपालन क्षेत्र के विविध संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्मिंग, पशु आहार, उत्पादन, पशु स्वास्थ्य सेवाएं जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के भरपूर अवसर मौजूद हैं। प्रो.सिंह ने देशी गाय की नस्लों की विशेषताओं एवं गोबर से जुड़ी नवाचारी पहल जैसे- धूप बत्ती, इको फ्रेंडली दीपक, और बकरी के दूध से बने केमिकल फ्री साबुन के स्टार्टअप मॉडलों की चर्चा करते हुए बताया कि 17 से अधिक स्टार्टअप वर्तमान में गोबर आधारित उत्पादों पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालन से केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि शहरी युवाओं के लिए भी स्टार्टअप एवं स्वरोजगार की संभावनाएं हैं। प्रो.सिंह ने विद्यार्थियों को पशुपालन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करते हुए कहा कि सही दिशा, जानकारी और लगन से इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त किया जा सकता है। इस कार्यक्रम का आयोजन कृषि संकाय की रावे संचालन समिति द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत संकायाध्यक्ष प्रो. राघवेंद्र प्रताप सिंह ने, संचालन प्रो.प्रज्ञा पारमिता ने तथा धन्यवाद ज्ञापित प्रो. मनीष कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अजय प्रकाश सिंह, प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रो. आलोक कुमार सिंह, डॉ.शशिबाला,डा. देवनारायण सिंह, डा.सतीश कुमार आदि उपस्थित रहे।फोटो -01- विद्यार्थियों को सम्बोधित करते अतिथि

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