वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के कार्यो के संबंध में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। जिसमें नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, अपर नगर आयुक्त एवं समस्त उपजिलाधिकारी/उप जिला मजिस्ट्रेट, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, समस्त चार्ज अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी एंव नगर शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहें। जनगणना निदेशालय से आये उप निदेशक अजय कुमार (मण्डल प्रभारी) ने जनगणना-2027 की तैयारियों, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक की नियुक्ति एवं उनके द्वारा डिजिटल आँकड़ों के संग्रह की जानकारी दी तथा बताया कि जनगणना एक संवैधानिक एवं वैधानिक गतिविधि है जो संविधान के अनुच्छेद 246 की संघ सूची तथा जनगणना अधिनियम 1948 के तहत संचालित की जाती है। जनगणना की पूरी प्रक्रिया में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है। निर्धारित समय सीमा में 16 से 30 नवम्बर 2026 के मध्य स्व-गणना व 01 दिसम्बर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक फील्ड कार्य प्रगणक/सुपरवाइजर द्वारा किया जाना है। इस बार की गणना में परिवार के प्रत्येंक सदस्य के लिए 40 प्रश्न पूछे जायेगे तथा 05-09 जनवरी 2027 के मध्य रिविजनल राउण्ड का कार्य किया जायेगा एवं इस चरण में 04 जनवरी 2027 की रात्रि में बेघर लोगो की गणना की जायेगी। ऑकड़ों की गोपनीयता के संबंध में बताया गया कि धारा-15 के तहत जनगणना से संबंधित ऑकड़े पूरी तरह गोपनीय होते है, किसी भी व्यक्ति से किसी भी प्रकार का दस्तावजे नही लिया जायेगा।
जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर ही पूर्ण किया जाना है। डाॅ0 सदानन्द गुप्ता अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ने समस्त चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 14 अक्टूबर तक सभी चार्जो में प्रगणक एवं सुपरवाइजर नियुक्त कर प्रशिक्षण स्थल का भी चयन करें तथा 14 नवम्बर तक सभी प्रगणक एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण का कार्य पूर्ण किया जाये। स्व-गणना हेतु जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।
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