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विमान में चाकूबाजी की घटना पर जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन भारती ने जताया रोष, बहादुर पायलट को सर्वोच्च सम्मान देने की मांग


वाराणसी काशी दीप विजन । जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं काशी के श्रीमहंत स्वामी मोहन भारती जी आज काशी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई चाकूबाजी की गंभीर घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उड़ते विमान के कॉकपिट में पायलट पर चाकू से हमला किया जाना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना है। ऐसी घटनाओं से न केवल विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि सैकड़ों लोगों का जीवन एक साथ संकट में आ जाता है।
स्वामी मोहन भारती ने कहा कि फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जिस साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, वह देश के लिए गर्व की बात है। रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट द्वारा चाकू से हमला किए जाने के बाद भी कैप्टन मच्छार ने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे यात्रियों और क्रू सदस्यों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में हुई। 
महंत मोहन भारती ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को केवल प्रशंसा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि पायलट की असाधारण बहादुरी और लोगों की जान बचाने में निभाई गई भूमिका को देखते हुए उन्हें भारत के सर्वोच्च वीरता सम्मान से सम्मानित करने पर विचार किया जाए।
उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में स्वयं घायल होने के बावजूद दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना भारतीय संस्कार, कर्तव्यबोध और साहस का उदाहरण है। कैप्टन मच्छार ने जिस धैर्य के साथ परिस्थिति का सामना किया, उससे विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू की जान बचाने में मदद मिली। 
स्वामी मोहन भारती ने विमान में हमला करने वाले आरोपी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विमान यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से विमानन सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। अंत में उन्होंने घायल कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि देश को उनके साहस पर गर्व है।

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