वाराणसी रामनगर काशी दीप विजन। स्थानीय थाना क्षेत्र के लंका रामलीला मैदान के पास, भीटी अशोक वाटिका से सटे हुए काशीराज परिवार की संपत्ति को लीज पर लेकर जिला प्रशासन से बिना अनुमति लिए अवैध पार्किंग स्थल के नाम पर भारी वाहनों से धन उगाही करने का मामला प्रकाश में आया है। अवैध पार्किंग के चलते आवागमन बाधित होने से आए दिन विवाद होता रहता है। वहां भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर कभी भी बड़ी घटनाएं हो सकती है। लोगों का कहना है कि यह पार्किंग स्थानीय पुलिस एवं कुछ तथाकथित पत्रकारों के संरक्षण में तथा मैनेज कराने के नाम पर ट्रकों की पार्किंग कर वसूली की जा रही है। आजमगढ़ के एक ट्रक ड्राइवर ने बताया कि यहां वाहन खड़ा करने का ₹100 से 150 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लिया जाता है। यही नहीं यह अवैध कार्य करने वाले बकायदा पार्किंग के लिए फर्जी रसीद भी छपवा रखे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां पार्किंग स्थल या पार्किंग शुल्क वसूली के लिए जिला पंचायत, ग्राम पंचायत सहित किसी भी संबंधित विभाग से स्वीकृति नहीं ली गई है। बावजूद इसके प्रतिदिन दर्जनों बड़े वाहनों की पार्किंग कर प्रतिदिन के हिसाब से वसूली की जाती है। बताया जाता है, जिन ट्रकों को किन्हीं कारणों से 24 घंटे से ज्यादा दो चार दिन खड़ा करना रहता है। प्रतिदिन के हिसाब से ट्रक ड्राइवरों से शुल्क लिया जाता है। जिस ड्राइवर का घर नजदीक है, वह भी माल लदे ट्रक की यहां पर पार्किंग कर चले जाते हैं। यही नहीं पार्किंग शुल्क वसूलने वाले आसपास क्षेत्र में भी जो ट्रक नो एंट्री खुलने के इंतजार में खड़े किए जाते हैं, उनसे भी जबरन वसूली करते हैं। सोशल मीडिया पर ट्रक ड्राइवर के बयान का विडियो वायरल होने के बाद अवैध वसूली की सूचना मिलने से दुर्ग प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन में खलबली मच गई है। आम लोगों में यह खास चर्चा है कि आखिर में प्रशासन इस गोरख धंधे और अवैध रूप से पार्किंग स्थल पर रोक लगाने पर कोताही क्यों कर रही है। बड़े पैमाने पर वसूली करने वालों के खिलाफ अब तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई। बता दें कि महीनों पहले भी यह मामला सुर्खियों में आने के बाद कुछ हफ्तों के लिए यह पार्किंग व्यवस्था को बंद कर दिया गया था ।
रामनगर में भारी वाहनो की अवैध पार्किंग, रसूखदार वसूली में लिप्तकाशीराज परिवार की संपत्ति पर महीनों से चल रहा है गोरख धंधा
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