वाराणसी अंजली कुमारी की रिपोर्ट-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सामाजिक व सार्वजनिक जीवन पर सनबीम वरुणा में हुआ भव्य नाट्य मंचन* *काशी की पावन धरा पर कैबिनेट मंत्री मनोज पाण्डेय का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों में दिखा अभूतपूर्व* *उत्साह* ।
*2014 से पूर्व संकटों से घिरे भारत ने आज विश्व पटल पर बनाई अपनी* *सशक्त पहचान* : *मनोज पाण्डेय*
भारतीय जनता पार्टी महानगर वाराणसी के तत्वावधान में आज, शुक्रवार (02 अक्टूबर) को सनबीम वरुणा के रंगमंच पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के समर्पित सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों पर आधारित एक विशेष नाट्य मंचन का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पाण्डेय का काशी की पवित्र धरा पर प्रथम आगमन पर भव्य अभिनंदन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम गान के पश्चात भाजपा *महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि* ने मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रीमान मनोज पाण्डेय का स्वागत करते हुए, काशी के अलौकिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "काशी ब्रह्मांड की सबसे अलौकिक नगरी है, जो बाबा भोलेनाथ की जटाओं से प्रवाहित माँ गंगा के पावन तट पर बसी है। स्वयं काल भैरव इसके रक्षक हैं और माँ अन्नपूर्णा की असीम कृपा से यहाँ कोई भूखा नहीं सोता।" उन्होंने काशी के यशस्वी सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रथम आगमन पर कैबिनेट मंत्री मनोज पाण्डेय का काशी की जनता, विद्यार्थियों एवं समस्त कार्यकर्ताओं की ओर से हृदय से आभार व अभिनंदन किया।
मुख्य अतिथि एवं कैबिनेट मंत्री मनोज पाण्डेय ने 'भारत के बदलते परिदृश्य' पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने अतीत के कटु अनुभवों को याद दिलाते हुए कहा कि 2014 से पूर्व देश आतंकवाद, नक्सलवाद और भारी अव्यवस्था से जूझ रहा था। कश्मीर से लेकर पंजाब तक हिंसा की आग में झुलस रहे थे। ट्रेन धमाकों और पहलगाम जैसे हमलों से देश स्तब्ध था।
अतीत और वर्तमान के अंतर को आंकड़ों व तथ्यों के माध्यम से रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा वर्ष 2014 से पहले भारत दुनिया की 27वीं आर्थिक ताकत था, जबकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व की 4थी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरी पायदान पर पहुँचने की ओर अग्रसर है।
जहाँ पहले 82% लोग कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे, वहीं आज उत्तर प्रदेश में 97.9% परिवार पक्के मकानों में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 'जल जीवन मिशन' ने हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाकर विनोबा भावे व स्वामी विवेकानंद के सपनों को साकार किया है।
15 वर्ष पूर्व जर्जर प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प कर डबल इंजन सरकार ने उन्हें विश्वस्तरीय बनाया है। पारदर्शी व्यवस्था का ही परिणाम है कि आज बिना किसी शुल्क और सिफारिश के 1,73,000 सिपाहियों की निष्पक्ष भर्ती संपन्न हुई है। प्रदेश में माफियाराज समाप्त होने से सुदृढ़ कानून-व्यवस्था स्थापित हुई है, जिससे पलायन कर चुके उद्योग पुनः लौट रहे हैं और निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।
कोविड महामारी के दौरान बिना किसी भेदभाव के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और महिलाओं की गरिमा के लिए चलाए गए स्वच्छता अभियान ने साबित किया कि देश का नेतृत्व 'भारत मेरा परिवार है' की भावना से काम कर रहा है।
उन्होंने विपक्ष के अड़ियल और नकारात्मक रवैये पर तंज कसते हुए कहा कि जब देश संकट में था और हमारी बहादुर सेना आतंकवादियों को धूल चटा रही थी, तब विपक्ष संसद में सेना के शौर्य और आईबी (IB) की रिपोर्टों पर सवाल खड़े कर रहा था। इसके विपरीत, आज उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूप में एक ऐसा बेदाग, ईमानदार और कर्मठ नेतृत्व है, जिसकी कार्यशैली पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।
कैबिनेट मंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं, प्रबुद्धजनों एवं युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें सत्य का प्रसार करना होगा। चाय-पान की दुकानों से लेकर घर-घर तक देश के इस वास्तविक बदलाव की चर्चा करनी होगी और झूठ के नैरेटिव को ध्वस्त करना होगा।
नाट्य मंचन के दौरान कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को जीवंत कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का संयोजन महानगर उपाध्यक्ष नवीन कपूर ने किया
संचालन महानगर महामंत्री अशोक जाटव ने किया।
नाट्य मंचन में प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह,प्रदेश मंत्री राकेश बिन्द,प्रेम कपूर,विद्यासागर राय,चंद्रशेखर उपाध्याय,पूजा दीक्षित,अजय गुप्ता,शिवनाथ यादव,महानगर मीडिया प्रभारी प्रमील पाण्डेय,राहुल सिंह,आत्मा विश्वेश्वर, ,प्रमोद यादव मुन्ना,सुमित मिश्रा,अमित खरे,अवनीश पाण्डेय,राकेश जायसवाल,मधुप सिंह,योगेश वर्मा,विनोद चौहान,कुसुम सिंह पटेल,अनिशा शाही,नेहा कक्कड़,जगन्नाथ ओझा,अवधेश राय,हीरा यादव आदि रहे।
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