किसान यूरिया और डीएपी की किल्लत से परेशान हैं, जिससे फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है। काशी दीप विजन जमानियां। किसान यूरिया और डीएपी की किल्लत से परेशान हैं, जिससे फसलों की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है। तहसील मुख्यालय अंतर्गत साधन समितियों पर खाद पाने के लिए किसान चक्कर लगाने को मजबूर रहे। लेकिन बिना खाद लिए लौटना पड़ रहा है। कुछ सहकारी समितियों में खाद खरीदने के लिए सदस्य बनना अनिवार्य कर दिया गया है। जिससे छोटे किसानों के लिए समस्या और बढ़ गई है। बताया जाता है। कि यूरिया खाद की भारी किल्लत किसान परेशान हो रहे है। लेकिन विभागीय स्तर पर किसानों को खाद उपलब्ध कराने में अधिकारी मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रहे है। जिसके कारण क्षेत्र के किसानों को यूरिया खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मोहम्मद आवेज सिद्दीकी, धर्मराज सिंह कुशवाहा, रईसुल होदा, विजय कुमार यादव, मोहम्मद हाजी इकबाल हसन सिद्दीकी, जहांगीर खान, दयाशंकर सिंह यादव, अमरेंद्र प्रताप सिंह, आरिफ खान, प्रभाकर सिंह, सतीश यादव, साजिद सिद्दीकी, डब्बू, सुभाष कुशवाहा, राजेन्द्र यादव सहित आदि किसानों का कहना रहा कि समय से यूरिया खाद की किल्लत के चक्कर में किसान प्राईवेट दुकानों के चक्कर लगा रहे है। किसानों का आरोप है कि प्राइवेट दुकानदार एक यूरिया बैग के साथ खेत में डालने वाली दवाई साथ लेने पर ही यूरिया दे रहे है। जिससे किसान परेशान है। लेकिन कहीं भी यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है किसानों का कहना है कि साधन समितियों पर अभी तक यूरिया खाद नहीं आया है। सहकारी समिति पर भी आसपास के दर्जनों गांव के किसान पहुंचते है। लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। इस बाबत उपजिलाधिकारी ज्योति चरसिया ने किसानों के लिए यूरिया डाई खाद की समस्या को निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारी को पत्रक के माध्यम से समाधान कराने के लिए भेजे जाएंगे। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
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