*मीडिया में हाल ही में कुछ परेशान करने वाले खुलासे सामने आए हैं कि किस तरह मोदानी जॉइंट वेंचर ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और उसके 30 करोड़ पॉलिसी धारकों की बचत का दुरुपयोग किया।* दस्तावेज़ बताते हैं कि भारतीय अधिकारियों ने मई 2025 में एक ऐसा प्रस्ताव तैयार किया, जिसके तहत LIC की लगभग ₹33,000 करोड़ की धनराशि को अडानी समूह की विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया।इस मेगा घोटाले की जांच केवल संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा ही की जा सकती है। पहले कदम के तौर पर, संसद की लोक लेखा समिति (PAC) को यह जांच करनी चाहिए कि LIC को अडानी समूह में निवेश करने के लिए कैसे मजबूर किया गया।मोदानी महाघोटाले को लेकर कांग्रेस महासचिव (संचार) श्री जयराम रमेश का बयान: कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी
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