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वाराणसी काशी दीप विजन - बाल्मिकी जयंती के अवसर पर राजकीय पुस्तकालय में कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन वाराणसी -- जिला राजकीय पुस्तकालय में मंगलवार को बाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद वाराणसी इकाई के तत्वाधान में विचार एवं कवि गोष्ठी का आयोजन क्वीन्स कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य रामानन्द दीक्षित की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे गिरीश कुमार पाण्डेय काशिकेय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में आलोक सिंह बेताब,बुद्धदेव तिवारी,सिद्धनाथ शर्मा,विजय चन्द्र त्रिपाठी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामानंद दीक्षित ने आदि कवि महर्षि बाल्मिकी के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया और कहा कि हमें समाज में अपने को उन ऊंचाइयों तक ले जाना चाहिए जहां से बुराई काफी पीछे छूट जाए और अच्छाई ही बची रहे। उन्होंने रत्नाकर डाकू से हृदय परिवर्तन होकर संत वाल्मीकि का बन जाना आज भी प्रासंगिक है। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ उपस्थित अतिथियों द्वारा माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कराया गया। कार्यक्रम के शुभारम्भ पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार द्वारा माता सरस्वती वंदना से किया गया। तत्पश्चात कवि गोष्ठी प्रारम्भ किया गया।कवि गोष्ठी में उपस्थित कवियों द्वारा गीत, गजल, इत्यादि के द्वारा ऐसा माहौल बना दिया गया कि सभी श्रोतागण घर उस रसधारा में डूब कर उसका रसास्वादन करते रहे। इस कवि गोष्ठी में वरिष्ठ गीतकार आलोक सिंह बेताब, बुद्धदेव तिवारी, सिद्ध नाथ शर्मा, विजय चंद्र त्रिपाठी, रजनीकांत त्रिपाठी, डॉक्टर नसीमा निशा, डॉ. जगदीश गुप्ता, रामजतन पाल, गिरीश कुमार पाण्डेय,डा. लियाकत अली जलज, विनोद कुमार वर्मा, डॉक्टर पुष्पेंद्र अस्थाना, सत्यम मिश्रा आदि ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर सुधीर वर्मा, वर्षा गुप्ता, शुभम पाण्डेय, स्नेहा आदि उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के अतिथियों का स्वागत पुस्तकालय के अध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने संचालन आनंद कृष्ण मासूम ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापित संतोष कुमार प्रीत ने किया कवि गोष्ठी में मनचासीन अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

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