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जमानिया काशी दीप विजन:डॉ. नदीम अशरफ बने राष्ट्रीय मानवाधिकार एंड एंटी करप्शन मिशन के प्रदेश महासचिव (मेडिकल प्रकोष्ठ)जमानियां। राष्ट्रीय अध्यक्ष किया मनोनयन उन्होंने कहा कि अनुभव रखने वाले समर्पित समाजसेवी संगठन को मिलेगी नई दिशा। सामाजिक सेवा ग्रामीण स्वास्थ्य और मानवता की बेहतरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. नदीम अशरफ को राष्ट्रीय मानवाधिकार एंड एंटी करप्शन मिशन के मेडिकल प्रकोष्ठ का प्रदेश महासचिव (उत्तर प्रदेश) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक वसीम रज़ा द्वारा की गई।वसीम रज़ा ने कहा कि डॉ. नदीम अशरफ स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में दो दशक से अधिक समय से कार्यरत हैं। वे मानव खिदमत फाउंडेशन के संस्थापक हैं। और ग्रामीण व पिछड़े वर्गों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएँ, मातृ एवं शिशु देखभाल, पोषण और जन-जागरूकता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. अशरफ के नेतृत्व में संगठन की चिकित्सा शाखा (मेडिकल प्रकोष्ठ) और अधिक सशक्त बनेगी। और समाज के ज़रूरतमंद वर्गों को सीधा लाभ पहुँचेगा। डॉ. नदीम अशरफ ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह मेरे लिए सम्मान और प्रेरणा दोनों है। मेरा लक्ष्य रहेगा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले तक स्वास्थ्य जागरूकता और निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जाए। मैं मानता हूँ कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। और संगठन के माध्यम से मैं इसी दिशा में कार्य करूँगा। वर्ष 2002 में मानव खिदमत फाउंडेशन की स्थापना कर डॉ अशरफ ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक विकास को समर्पित जीवन शुरू किया। संस्था के माध्यम से वे प्रतिदिन लगभग 250 मरीजों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराते हैं। चंदौली जनपद के ब्लॉक चहनीया क्षेत्र के 60 गाँवों को गोद लेकर वहां मातृ-शिशु पोषण, परिवार नियोजन और स्वास्थ्य शिक्षा जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।फाउंडेशन ने 30 आंगनवाड़ी केंद्रों के सहयोग से बच्चों को पोषण सामग्री और स्वच्छता जागरूकता उपलब्ध कराई है। इसके अलावा संस्था द्वारा समय-समय पर नेत्र जांच शिविर, ब्लैंकेट वितरण, मोबाइल हेल्थ कैंप और कैटरेक्ट सर्जरी (मोतियाबिंद ऑपरेशन) जैसी मानवतावादी पहलें भी की जाती हैं। डॉ. नदीम अशरफ को समाजसेवा के क्षेत्र में अनेक बार सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा तथा वर्ष 2023 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा वर्ष 2025 में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंदौली द्वारा भी उन्हें विशिष्ट सेवा सम्मान मिला। डॉ. अशरफ ने बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) और मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में उनका योगदान और सामाजिक प्रतिबद्धता उन्हें एक प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व बनाती है। मनोनयन पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों डॉ. आर.के. पाठक, आर.बी. यादव, मुशर्रफ आलम, नसीम अहमद, शांति देवी आदि ने बधाई दी। और कहा कि डॉ. अशरफ का अनुभव संगठन को नई दिशा देगा तथा समाज के वंचित वर्गों तक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगा। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया

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