Top News

283वें दिन भी बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शननिजीकरण पर पावर कॉर्पोरेशन से पांच सवालवाराणसी, 6 सितम्बर।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले शनिवार को लगातार 283वें दिन बिजली कर्मियों ने बनारस में विरोध प्रदर्शन किया। समिति ने निजीकरण को लेकर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन से पांच सवाल पूछे और कहा कि त्योहारों को देखते हुए अगले दो माह उपभोक्ताओं की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।समिति ने सवाल उठाया कि जब यूपी ट्रांसमिशन को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुका है और वितरण कंपनियों में सुधार हो रहे हैं तो निजीकरण की जरूरत क्यों? साथ ही, चंडीगढ़ व दादरा नगर हवेली जैसे लाभकारी विभागों का निजीकरण करने पर भी सवाल किया। दिल्ली में निजीकरण के बाद अब तक उपभोक्ताओं से 7% पेंशन सरचार्ज वसूला जा रहा है। यूपी में यह कितना होगा, यह भी स्पष्ट करने को कहा गया।इसके अलावा, समिति ने आगरा में टोरेंट पावर द्वारा 2 किलोवाट कनेक्शन पर 9 लाख रुपये वसूलने का उदाहरण देते हुए आशंका जताई कि निजीकरण के बाद गरीब उपभोक्ताओं पर भारी बोझ डाला जाएगा। साथ ही पूछा कि क्या किसानों, बुनकरों और बीपीएल उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलती रहेगी, क्योंकि ग्रेटर नोएडा में 32 साल बाद भी किसानों को सब्सिडी नहीं मिल रही।समिति ने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए घातक है और हर सप्ताह प्रबंधन से पांच प्रश्न पूछे जाएंगे।सभा को ई. मायाशंकर तिवारी, ई. एस.के. सिंह, ई. नीरज बिंद, राजेंद्र सिंह, अंकुर पांडेय समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संजना वर्मा की रिपोर्ट वाराणसी

Post a Comment

और नया पुराने