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' वाराणसी काशीदीप, स्वस्थ हृदय की कुंजी है स्वस्थ जीवनशैली 'योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग, चिकित्सा विज्ञान संकाय, महाराजा डॉ. विभूति नारायण सिंह परिसर गंगापुर, काशी विद्यापीठ में विश्व हृदय दिवस के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित वाराणसी। योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग, चिकित्सा विज्ञान संकाय, महाराजा डॉ. विभूति नारायण सिंह परिसर गंगापुर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सोमवार को एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संकायाध्यक्ष, चिकित्सा विज्ञान संकाय प्रो. पीताम्बर दास ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ हृदय की कुंजी है। पालतू जानवरों के साथ समय व्यतीत करने से तनाव से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अष्टांग योग का पालन हृदय को स्वस्थ रखता है। विशिष्ट अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी, पी.एच.सी. गंगापुर, डॉ. सतीश जायसवाल ने एंजाइना पेक्टोरिस और कार्डियक इमरजेंसी में लिए जाने वाले प्रोटोकॉल पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' की महत्ता भी बताई।मुख्य वक्ता डॉ. सुनीता ने बताया कि विश्व हृदय दिवस 2025 की थीम है 'बीट को ना छोड़ें'। इस संदेश का अर्थ केवल शाब्दिक नहीं, बल्कि गहन जीवन संदेश भी देता है, जिसका आशय है - हृदय की हर धड़कन अमूल्य है, इसे हल्के में ना लें। हृदय रोग के लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। हृदय की देखभाल को जीवनशैली का जरूरी हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि हृदय को बचाने के 5 स्वर्णिम मंत्र हैं, पहला, हर रोज कम से कम 30 मिनट तेज गति से चलना या व्यायाम करना। दूसरा- नमक, चीनी, मैदा और तेल का सेवन सीमित करना। तीसरा- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसायुक्त आहार लेना। चौथा- तनाव प्रबंधन हेतु ध्यान और प्राणायाम अपनाना तथा पांचवा- नियमित स्वास्थ्य की जांच और समय पर उपचार करना। संचालन संदीप खरे एवं धन्यवाद ज्ञापन सुप्रिया चौबे ने किया। इस अवसर पर आशीष, विजय, दीपक, सतीश, आदित्य, मोनिका, सोनम, सपना, ममता, अंशिका, सोनाली, संगीता, अंकिता आदि उपस्थित रहे। साक्षी सिंह की रिपोर्ट वाराणसी

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