प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाला कार्यक्रम मुख्यमंत्री आरोग्य मेला सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है। संवाददाता सलीम मंसूरी जमानियां। नगर कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रत्येक रविवार यानि 15 जून को आयोजित होने वाला कार्यक्रम मुख्यमंत्री आरोग्य मेला सिर्फ दिखावा साबित हुआ। केंद्र प्रभारी इस दिन भी गायब मिले। खानापूर्ति के लिए डाक्टर अमित चौरसिया कुछ घंटे बैठकर 10 मरीजों का इलाज करने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य मेला से उठकर चले गए। लेकर महिला चिकित्सक और अन्य स्टाफ कर्मी ऐशो आराम में पूरा समय बर्बाद कर रहे हैं। बताया जाता है। कि आरोग्य मेला एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। जिसका उद्देश्य लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं और जानकारी प्रदान करना है। लेकिन इस केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेला नहीं सिर्फ खानापूर्ति के लिए चंद मिनट तक कार्यक्रम को आयोजित किया जाता है। इस लिए की इस कार्यक्रम से तमाम स्वास्थ्य कर्मी गायब रहते हुए। अपने को ऐशो आराम में पूरा समय बिताते है। उनको आरोग्य मेला में आए मरीजों से कोई लेना देना नहीं होता है। ऐसे मेले में तमाम कमियां या अनियमितताएं दिखाई दे सकती हैं। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला कार्यक्रम को पूरी तरह से नकार दिया जा रहा है। इसके बाद भी विभाग के उच्चाधिकारी लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करते। जिसके चलते कार्यक्रम में आने वाले मरीजों को मायूस होकर उल्टे पांव लौटना पड़ता है। बता दें कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला इस बात को स्पष्ट करते हैं कि आरोग्य मेला क्यों महत्वपूर्ण है। जैसे मरीजों के लिए स्वास्थ्य जांच और उपचार, आरोग्य मेले में, लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच, दवाएं और उपचार उपलब्ध कराए जाते हैं। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में लोगों को विभिन्न बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी दी जाती है। जिससे वह अपनी सेहत के प्रति जागरूक हो सकें। दूसरा आरोग्य मेले में टीकाकरण अभियान भी चलाए जाते हैं। जिससे बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है। इसके साथ ही मेले में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिलती है। जो शायद उनके लिए आसानी से उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले समुदाय के लोगों को एक साथ लाते हैं। और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कार्यरत चिकित्सकों को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला एक बोझ साबित कर दिया है। जिससे इस केंद्र पर तैनात डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मी प्रत्येक रविवार को गायब रहते हुए। पूरा समय ऐशो आराम में बर्बाद करते है। और इलाज के लिए आने वाले मरीजों के सामने तमाम समस्याएं गहराई हुई रहती हैं। खासतौर से केंद्र प्रभारी चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी शासन द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री आरोग्य मेला कार्यक्रम को ही नकारात्मक रूप से दिखा रहे है। मरीजों के लिए यह महत्वपूर्ण होने के बाद भी आरोग्य मेले जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की कमियों को उजागर करने के साथ-साथ उनके लाभों को भी पहचानें और उन्हें बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव देने के लिए इस केंद्र के सभी डाक्टरों में घोर उदासीनता के साथ कूट कूट कर लापरवाही भरी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक से परामर्श के लिए पहुंचे हरपुर निवासी लोकगीत बिरहा गायक रजनीकांत यादव, एडवोकेट इमरान नियाजी, अरविंद सिंह, गिरधारी सिंह सहित आदि लोग पहुंचे। लेकिन नहीं महिला चिकित्सक मिली और नहीं केंद्र प्रभारी चिकित्सक मिले। सभी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए, वापस लौटने को मजबूर रहे। मरीजों के अभिभावकों का कहना रहा कि केंद्र प्रभारी तो हमेशा से गायब मिलते है। इसके बाद भी कोई महिला डाक्टर उपस्थित नहीं रहती। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला को सुचारू रूप से चलाए जाने के साथ चिकित्सकों में घोर लापरवाही को लेकर बहुत जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशाल धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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