सरकारी अस्पताल बदहाल, अधिकारी बेखबरजमानियां। एक ओर सरकार जहां स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने का दावा कर रही है। जबकि हकीकत कोसों दूर है। एन एच 24 सड़क स्थित बरूईन गांव के सामने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चार दिवारी जहां कई वर्षों से गिरी हुई है। और वहीं ज्यादातर कार्यरत चिकित्सक आवास पर रुकते नहीं। सीधे अपने अपने घरों के लिए निकल पड़ते है। जिसके चलते शाम 5 बजे के बाद रात्रि समय इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को खाली हाथ वापस लौटने के लिए मजबूर हो जाते है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी लापरवाह डाक्टरों के उपर क्यूं मेहरबान है। हर कोई सोचने के लिए मजबूर हो चुका है। यही हाल ग्रामीण इलाकों में तो हालत और भी ज्यादा खराब है। वहीं कहीं डॉक्टर है। तो भवन सहित अन्य सुविधाएं नहीं है। ऐसा ही हाल सीएचसी बरूईन के अधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कस्बा की है। बताया जाता है। कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूईन अस्पताल की चाहरदीवारी कई वर्षों से टूटकर गिरी हुई है। परिसर में बने आवासीय क्वार्टरों में स्वास्थ्य कर्मी नहीं रह रहे है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बेखबर है। वहीं स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त न होने पर व्यापार मंडल के नगर उपाध्यक्ष अमन खान गांधी, व्यापार मंडल के जिला युवा उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, वीरेंद्र कुमार,एडवोकेट इमरान नियाजी, मुश्ताक राईन, पंकज निगम, संतोष कुमार आदि लोगों ने सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर केंद्र प्रभारी की तैनाती होने और शासन द्वारा रविवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला से बराबर गायब रहना मरीजों के सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो चुकी है। जबकि सेवाओं का लाभ लेने के लिए आसपास के दो दर्जन गांव जुड़े हैं। रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला हवाहवाई साबित होने लगा है। अस्पताल में अभी तक फार्मासिस्ट की तैनाती न होना घोर उदासीनता को दर्शाता है। अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासभा जिला युवा अध्यक्ष राजकुमार सिंह पिछले दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्बा पहुंचकर हाल जाना। और केंद्र प्रभारी गुलाब शंकर पटेल से बातचीत कर शासन द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में उपस्थित रहने को कहा। जिससे इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को सुविधाएं मिलता रहे। लेकिन केंद्र प्रभारी चिकित्सक के उपर कोई असर नहीं हुआ। और अपने को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला से बराबर अनुपस्थित रहते है। लोगों ने कहा कि लापरवाह चिकित्सकों पर कार्यवाही नहीं किया गया। तो कार्यरत चिकित्सकों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बहुत जल्द एक बड़ा आंदोलन चलाने को बाध्य होंगे। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूईन के अधीक्षक डॉ रुद्रकांत सिंह ने बताया कि धनराशि आने पर चारदीवारी की मरम्मत के लिए कार्य शुरू करा दिया जाएगा। फोटोकई वर्षों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूईन की टूटी हुई चारदीवारी। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
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