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वाराणसी,प्रदूषण एवं संरक्षण की समस्या का एकमात्र समाधान वृक्षारोपण-दिवाकर द्विवेदी वाराणसी -- यदि प्रदूषण की समस्या का वास्तविक समाधान व वर्षा एवं जल की उपलब्धता की समस्या का समाधान चाहते हैं तो समाज के हर व्यक्ति को आगे आकर वृक्षारोपण का कार्य अवश्य करना होगा। उत्तर भारत में पौधरोपण के लिए जुलाई से सितंबर तक का समय सर्वोत्तम माना जाता है। इस अवधि का उपयोग लोगों को वृक्षारोपण जैसे पवित्र कार्य में करना चाहिए। उक्त बातें गंगा समग्र काशी के सह प्रान्त संयोजक दिवाकर द्विवेदी ने रविवार को राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस के अवसर पर किये गये वृक्षारोपण के मौके पर कही। इस मौके पर गंगा समग्र के प्रांतीय सह नदी आयाम प्रमुख कपिन्द्र नाथ तिवारी ने गंगा समग्र के 15 आयामो के माध्यम से मां गंगा और उनकी सहायक नदियों की निर्मलता और अविरलता के लिए किए जाने वाले कार्यों के संबंध में बताया। इस मौके पर विकास खंड सीखड़ के ग्राम सुरसी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय परिसर में पौधारोपण का कार्य किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने "अविरल गंगा-निर्मल गंगा", पौधा लगाओ- पेड़ बनाओ, पेड़ लगाओ- पर्यावरण बचाओ, आदि के नारे के साथ मौलसरी आदि पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम मे गंगा समग्र के भाग संयोजक चंद्र प्रकाश,गंगा समग्र के दक्षिण भाग सह नदी आयाम प्रमुख मोहन पटेल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप दुबे, प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रेमा कुशवाहा, शिक्षक गण वंदना सिंह, मंजू देवी, अभिषेक सिंह, मनोज कुमार, अनुराग श्रीवास्तव, लक्ष्मण सिंह, सुभाष चंद्र, राजकुमार रावत, बलिराम पटेल आदि लोग उपस्थित रहे। पौधरोपण करते मां गंगा समग्र के पदाधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

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