अधिक लाभ दिखाकर साइबर ठगी करने वाले मुख्य कालर सहित दो को पुलिस ने किया गिरफ्तार कब्जे से तीन एन्ड्रायड मोबाइल व 3620/नगदी किया बरामद वाराणसी --अजय बिहार कालोनी टकटक पुर निवासी शैलेश अस्थाना पुत्र राधेकृष्ण अस्थाना को साइबर ठगों द्वारा फर्जी वेबसाइट के जरिए अधिक लाभ का लालच देकर 7,11,000/ की ठगी होने पर दी गयी तहरीर को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी. एवं अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान के निर्देशन में तथा सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम विदूष सक्सेना के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस के जरिए मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से कालर सहित दोनो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन एन्ड्रायड मोबाइल व 3620/नगदी बरामद किया। दोनो अभियुक्तो का नाम रविंद्र सिंह उर्फ रवि ठाकुर पुत्र स्व. कोक सिंह निवासी ग्राम भाटीखेड़ा थाना जावर जनपद सीहोर मध्य प्रदेश तथा दूसरे का नाम नितेश सिंह उर्फ नितेश सैंधव पुत्र श्री बजे सिंह निवासी ग्राम ताल्दी थाना सोनकच जनपद देवास मध्य प्रदेश बताया गया।दोनों अभियुक्तों को रविवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए पुलिस उपायुक्त सरवणन टी.ने बताया कि साइबर अपराधियों द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर इन्वेस्टमेंट/एफ एक्ट ग्रो आदि विभिन्न नामो से फर्जी वेबसाइट बनवाकर देश के विभिन्न स्थानों के व्यक्तियों को उस वेबसाइट के माध्यम से ट्रेडिंग के नाम पर पैसा इन्वेस्ट कराते हैं। विभिन्न व्यक्तियों को आकर्षित करने के लिए फोन किया जाता है। उनको अधिक लाभ दिलाने का विश्वास दिलाया जाता है। सबसे पहले उनकी यूजर आईडी वेबसाइट पर बनवायी जाती है। फिर वेबसाइट पर फर्जी डिमैट अकाउंट भी खुलवाया जाता है। उसी वेबसाइट के माध्यम से बताए गए खातों में पैसा जमा कराया जाता है।इन्वेस्ट किया गया पैसा वेबसाइट पर डिजिटल करेंसी के रूप में दिखने लगता है। साथ ही अधिक प्रॉफिट भी दिखाई जाती है। शुरुआत में छोटे-छोटे अमाउंट इन्वेस्ट कर अधिक लाभ के साथ वापस उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे उस व्यक्ति को विश्वास हो जाता है कि यदि ज्यादा पैसा इनवेस्ट करेंगे तो कम समय में ज्यादा लाभ मिलेगा। इस तरह से यह लोग आम जनमानस का लाखों रुपए इन्वेस्ट करा देते हैं, और जब कोई व्यक्ति पैसा निकासी की बात करने लगता है तो ट्रेडिंग में घाटा व डीमैट खाता की धनराशि को बचाने के नाम पर तथा जीएसटी के नाम पर पुन: और पैसा डलवाया जाता है। फिर उनसे कनेक्टिविटी पूर्ण रूप से तोड़ देते हैं। फिर नए व्यक्ति से संपर्क स्थापित करना शुरू कर देते हैं। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को भा0द0वि0 की धारा 420,411,120बी व 66डी आईटी एक्ट साइबर क्राइम के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक राकेश कुमार गौतम, उ0नि0 संजीव कुमार कन्नौजिया, उ0नि0 आलोक रंजन सिंह,क.आ.ग्रेड बी/एएसआई श्याम लाल गुप्ता, हे0का0 गोपाल चौहान, हे0का0 गणेश जी, हे0का0म0 पुनीता यादव,का0 पृथ्वीराज, मनीष कुमार सिंह, सूर्यभान सिंह, अवनीश सिंह, जतिन कुमार, रविंद्र यादव, अनोज कुमार, विजय कुमार आदि शामिल रहे। दोनों अभियुक्तों को मीडिया के सामने पेश करते डीसीपी, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता वाराणसी
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