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गंगा का जलस्तर एक सेंटी मोटर पानी बढ़ा, बाढ़ की आशंका अभी नहीं हुई कम जमानियां। गंगा नदी का जलस्तर घटने का नाम नहीं ले रहा है। एक सेंटी मीटर की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हुई है। जिसके चलते बडेसर गंगा कटान के पास पहुंच चुका है। अगर बड़े बड़े पत्थर के बोल्डर बिछाए नहीं गए होते तो अबतक एन एच 24 सड़क के करीब पहुंच जाता। लेकिन पत्थर के बड़े बड़े बोल्डर बिछाए जाने के कारण गंगा कटान पर अंकुश लगाई गई। हालांकि बाढ़ की आशंका अभी टली नहीं है। बताया जाता है। कि गंगा नदी का जलस्तर सन् 2024 बाढ़ का उच्च जलस्तर 63.670 मीटर। और 2022 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 इसके साथ ही 2021 बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.680 मीटर रहा। जबकि बाढ़ की स्थिति का मापदंड. सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर। जबकि निम्न स्तर 62.100 मीटर, चेतावनी बिंदु है। और मध्य स्तर 63.105 मीटर, खतरा बिंदु, और उच्च स्तर 65.220 मीटर बताया गया। गंगा नदी का जलस्तर में वृद्धि हुई है। उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अब भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभावना जताई जा रही है। कि बाढ़ की आशंका अभी टली नहीं है। अभी धीरे धीरे गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बडेसर गांव स्थित एन एच 24 कटान रोकने एवं कई गांवों को बचाने के लिए तेज गति रफ्तार के साथ जेसीबी मशीन के माध्यम तथा मजदूरों के सहयोग से बड़े बड़े पत्थर के बोल्डर एक पर एक बिछाने के लिए कार्य प्रगति पर है। तहसील इलाके के निचले इलाकों में बाढ का पानी घुस गया और घुसने को व्याकुल है। ज्योति चौरसिया ने बताया कि गंगा नदी में जलस्तर बढ़ते देख तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गई है। और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सुविधा एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। बाढ़ पीड़ितों को ठहरने को लेकर भोजन, बिजली, पानी आदि के प्रबंध किए जा चुके है। सलीम मंसूरी

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