वाराणसी मण्डलायुक्त ने मण्डल में उर्बरकों की उपलब्धता एवं समुचित वितरण का किया समीक्षा वाराणसी -- उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा, एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशानुसार शनिवार को मंडलायुक्त एस.राजलिंगम द्वारा अपने सभागार में वाराणसी मंडल स्तर पर प्रतिदिन उर्वरक जिसमे यूरिया, डीएपी, एनपीके एवं एमओपी आदि की उपलब्धता एवं उसका समुचित वितरण एवं मण्डल में खरीफ की बुआई को देखते हुए नहरों तथा नलकूपों के संचालन, वर्षा एवं खरीफ फसलों के आच्छादन के संबंध में समीक्षा बैठक किया गया। बैठक में मण्डलायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि खरीफ में कृषकों को आसानी से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाए तथा गत वर्ष 20 जुलाई 2024 की तुलना में वर्तमान खरीफ में 20 जुलाई 2025 तक जौनपुर में 3452 मेट्रिक टन, गाजीपुर में 2171 मेट्रिक टन, वाराणसी में 2004 मैट्रिक टन एवं चंदौली में 1789 मैट्रिक टन यूरिया की अधिक खपत को ध्यान में रखते हुए कृषकों के मध्य चौपाल लगाकर किसान भाइयों को जागरूक किया जाए कि मृदा परीक्षण के आधार पर वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों का प्रयोग करने से खेती की लागत में वृद्धि होगी साथ ही साथ मिट्टी एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। साथ ही मण्डल में अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी, तस्करी आदि पर अंकुश लगाये जाने हेतु मण्डल में संचालित फैक्ट्रियों ,यूरिया पंपों अथवा अन्य जगहों पर जहां पर यूरिया का प्रयोग किए जाने की संभावना है, उसकी सघन चेकिंग कराई जाए। यदि कहीं पर भी टेक्निकल ग्रेड यूरिया के स्थान पर अनुदानित उर्वरक यूरिया के प्रयोग का प्रकरण संज्ञान में आता है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में मण्डलायुक्त द्वारा उपायुक्त /उपनिबंधक सहकारिता सोमी सिंह को निर्देशित किया गया कि मण्डल में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित रूप से समीक्षा करती रहें तथा उन समितियों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरकों को दिया जाए जिन समितियों के पास उर्बरक समाप्त हो गया है, अथवा समाप्ति की ओर हो। सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया है कि जौनपुर के खण्ड 36 रजवाहा, केराकतपुर एवं बाबतपुर रजवाहे में पानी के संचालन में जो भी समस्याएं हैं, उसका नियमानुसार निराकरण करायें।साथ ही मंडल में वर्षा कम होने की स्थिति को देखते हुए सिंचाई एवं नलकूप विभाग के अधीक्षण अभियंता को भी निर्देशित किया गया कि सभी नहरों के टेलों तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित करें।जो नलकूप विद्युत एवं यांत्रिक दोष से खराब हो गए हों उनको तीन दिन के अंदर ठीक कराया जाए। कृषकों को किसी भी प्रकार से खरीफ की बुवाई के लिए आवश्यक सभी निवेश उर्वरक, पानी आदि सुगमता से प्राप्त होते रहें। बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि निदेशक वाराणसी मंडल शैलेंद्र कुमार, उपायुक्त/उपप्रबंधक सहकारिता सोमी सिंह,आरएम पीसीएफ पुष्पेंद्र कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई जीसी सिंह,अधीक्षण अभियंता नलकूप डीके आर्य उपस्थित रहे।समीक्षा बैठक करते मण्डलायुक्त, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
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