2-- भोजपुरी वीथिका में गूंजती रहेगी नीरन की रचना ध्वनि वाराणसी -- हिंदी व भोजपुरी साहित्य की वीथिका में डॉक्टर अरुणेश नीरन की रचना ध्वनि अनंत काल तक गूंजती रहेगी। यह हिंदी भोजपुरी के प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ नीरन के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए काशी के साहित्यकारों ने राजकीय जिला पुस्तकालय में आयोजित बैठक में कहीं। इस मौके पर प्रतिष्ठित कवि डॉक्टर अशोक सिंह ने कहा कि डॉक्टर अरुणेश नीरन ने भोजपुरी जगत की महत्वपूर्ण सेवा की। नवगीतकार ओम धीरज ने उन्हें याद करते हुए साहित्य में उनकी एकेडमिक उपस्थिति की विस्तार से चर्चा की। सोच विचार पत्रिका के संपादक नरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि अरुणेश समर्थ अध्येता के साथ श्रेष्ठ रचनाकार थे। हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि भोजपुरी जगत में बराबर उनकी कमी खलती रहेगी। कवि प्रसन्न वदन चतुर्वेदी ने उनके काव्य सौष्ठव संस्थाओं और उनके समकालीन भोजपुरी साहित्य के संपादन की विवेचना की। संतोष कुमार प्रीत ने कहा कि वह होनहार कवि के साथ सफल संगठन कर्ता भी थे। कार्यक्रम में लखनऊ से पधारे चमन सिंह, अयोध्या के कवि पवन सिंह, सुशील राजपाल, संजय वादवानी, विजय कुमार सिंह आदि भी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापित पुस्तकालयाध्यक्ष सुकवि कंचन सिंह परिहार ने किया।फोटो-02-शोक सभा मेंश्रद्धांजलि अर्पित करते कविगण, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
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