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निर्जला एकादशी पर सैकड़ों महिलाओं ने विधिक पूर्वक स्नान कर मंदिरों में किया पूजा पाठ। इस दौरान सुरक्षा में तैनात रही महिला पुलिस कर्मी तैनात रही। जमानियां। निर्जला एकादशी हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है। इस साल निर्जला एकादशी व्रत शुक्रवार यानि 06 जून संपन्न हुआ। इस दौरान दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों गुरुवार की देर शाम को कस्बा बाजार स्थित पक्का घाट गंगा नदी पहुंचने का तांता लगा रहा। इसके बाद भी शुक्रवार की सुबह गंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए महिलाओं के आने का तांता लगी रही। एकाएक मौसम में परिवर्तन होने के कारण बारिश होने के चलते स्नान करने वाली महिलाओं को भींगना पड़ा। तथा ठंड का एहसास होने लगी। इस दौरान उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी राम कृष्ण तिवारी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, तहसीलदार राम नारायण वर्मा, पालिका अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार स्नान घाटों का निरीक्षण करते रहे। इस दौरान सुरक्षा को लेकर महिला पुलिस कर्मी के साथ पुरुष पुलिस कर्मी एवं राजस्व कर्मी आसपास के स्नान घाटों पर मुस्तैद रहे। इसके साथ ही दो पहिया, तीन पहिया एवं चार पहिया वाहनों के प्रवेश वर्जित के लिए पालिका मोड़ के पास बैरिकेटिंग किया गया। बताया जाता है। कि एकादशी व्रत जगत के पालन हार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा का विधान कि जाती है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है। कि निर्जला एकादशी व्रत बिना अन्न व जल के किया जाता है। निर्जला एकादशी व्रत कठिन व्रतों में से एक है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशी व्रतों का फल मिलता है। इस साल निर्जला एकादशी पर रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। राधा रानी मंदिर के पुजारी डॉ शेषनाथ उपाध्याय ने हिंदुस्तान मीडिया से वार्ता में बताया कि निर्जला एकादशी पर बन रहे कई शुभ संयोग है। निर्जला एकादशी व्रत विधि: निर्जला एकादशी पर सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करें। व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें। श्री हरि को पुष्प, फल, तुलसी दल व अक्षत आदि अर्पित करें। भगवान विष्णु की आरती करें। और उन्हें भोग लगाएं। उन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी व्रत का फल: निर्जला एकादशी व्रत से सभी एकादशी का फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु की कृपा से पापों से मुक्ति मिलती है। और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। उपाध्याय ने बताया कि निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु प्रसन्न होते है। तथा निर्जला एकादशी व्रत पारण का समय: निर्जला एकादशी व्रत का पारण 07 जून को किया जाएगा। व्रत पारण दोपहर 01 बजकर 44 मिनट से शाम 04 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। पुजारी शंभु पांडेय ने बताया कि निर्जला एकादशी हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है। इस साल निर्जला एकादशी व्रत 06 जून शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाया। एकादशी व्रत जगत के पालन हार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा का विधान कि जाती है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है निर्जला एकादशी व्रत बिना अन्न व जल के किया जाता है। निर्जला एकादशी व्रत कठिन व्रतों में से एक है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशी व्रतों का फल मिलता है। इस साल निर्जला एकादशी पर रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। जानें निर्जला एकादशी पर पूजा विधि का महत्व सबसे सर्वोपरि है। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया

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