Top News

काशी दीप विजन वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता वाराणसी पोप फ्रांसिस के निधन पर सर्वधर्म शोक सभा का हुआ आयोजन वाराणसी --पोप फ्रांसिस के निधन पर एक सर्वधर्म शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता बनारस के धर्माचार्य यूजिन जोसेफ ने की। इस अवसर पर पोप फ्रांसिस के प्रेरणादाई जीवन, विश्व शांति के प्रति उनके अटूट समर्पण और उनके ऐतिहासिक पहलों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वम्भर नाथ मिश्र ने उनके दस्तावेज मानव बंधुत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति और विश्व शांति के संरक्षण के लिए सामूहिक एवं साझा दायित्व की आवश्यकता है। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने पोप के इस दस्तावेज में धार्मिक सहिष्णुता के पक्ष की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न धर्मो के बीच आपसी समझ और सम्मान को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने धार्मिक कट्टरता, हिंसा और घृणा को खारिज करने का आवाहन किया। सामाजिक चिंतक डॉक्टर मोहम्मद आरिफ ने इस दस्तावेज में धर्म की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य लोगों के बीच सेतु बनाना, सुलह, आशा और शांति के ठोस मार्गों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हमें केवल सहिष्णुता तक सीमित न रहकर बंधुत्व पूर्ण सह अस्तित्व की दिशा में अग्रसर होना चाहिए। बसंत महिला कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अलका सिंह ने कहा कि पोप फ्रांसिस के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने से ही संभव है। तिब्बती विश्वविद्यालय सारनाथ के प्रो. भन्ते रमेश चंद्र नेगी ने पोप फ्रांसिस की तुलना उसे दैवी ज्योति से की, जो महात्माओं को निर्वाण की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि जब विश्व तृष्णा की चपेट में है और मानवीय मूल्यों का पतन हो रहा है तब पोप फ्रांसिस एक ऐसी ज्योति बनकर आए जो हमें प्रेम और मानवता के पथ पर अग्रसर करती है।सभा में अन्य धर्म के धर्मगुरु भी उपस्थित रहे। जिनमें बौद्ध सोसायटी के सन्यासीगण, का ब्रह्माकुमारी समाज की बहने, ख्रीस्तीय संप्रदाय के धर्म गुरु पास्टर बेन जॉन्सन, पास्टर अजय कुमार, नाहिदा, इम्तियाज अहमद,के लारी, फरमान हैदर, प्राचार्य डा.आरिफ खान आदि शामिल रहे। सभा का समापन वाराणसी धर्मप्रान्त के धर्माचार्य यूजिन जोसेफ जी के धन्यवाद ज्ञापन और पोप फ्रांसिस के लिए सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।सभा को सम्बोधित करते अतिथि

Post a Comment

और नया पुराने