होम्योपैथिक चिकित्सक एवं कर्मी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर भवन में बैठकर इलाज कर रहे है।जमानिया संवाददाता सलीम मंसूरीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के होम्योपैथिक दवा केंद्र में जर्जर छत की स्थिति चिंताजनक है। जिससे दवाओं के भंडारण और रखरखाव में समस्या हो रही है। साथ ही कभी भी गिरने का डर कर्मियों को सताने लगा है। इसके साथ ही यह स्थिति मरीजों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। छत जर्जर होने के अलावा छड़ भी पूरी तरह दिखाई दे रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा है। बताया जाता है। की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के होम्योपैथिक दवा केंद्र में छत की जहां छड़ दिखाई दे रहा है। वहीं स्थिति जर्जर होने के कारण कर्मियों के लिए बराबर खतरा बना हुआ है। वहीं दवाएं सुरक्षित रूप से नहीं रखी जा सकती हैं। बारिश या अन्य मौसम संबंधी कारणों से दवाएं खराब हो सकती हैं। पूरी तरह जर्जर छत के कारण, दवाओं को सही तापमान और नमी में रखने में कठिनाई हो सकती है। जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। जर्जर छत से छड़ दिखाई देने से मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी खतरा हो सकता है। इसके अलावा खराब दवाओं के इस्तेमाल से मरीजों को नुकसान हो सकता है। जिम्मेदार अधिकारी जर्जर छत की मरम्मत या पुनर्निर्माण की तत्काल कराया जाना आवश्यक है। ताकि दवाओं को सुरक्षित रूप से रखा जा सके और मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा कम हो सके। होम्योपैथिक फार्मासिस्ट विपिन ने बताया कक्ष का भवन पूरी तरह से जर्जर होने और छत का छड़ दिखाई देने से हमेशा हादसे का सबब बना हुआ है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सक के साथ होम्योपैथिक स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे है। इसके बाद भी जर्जर भवन से छुटकारा दिलाने या मरम्मत कराने के लिए विभागीय स्तर पर अबतक कार्यवाही नहीं किया गया। फोटोहोम्योपैथिक की जर्जर भवन के छत की छड़ दिखाई दे रहा है।
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