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बिना पंजीकृत निजी अस्पतालों, क्लीनिंग, पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही किया जाएगा।जमानियां। काशी दीप विजन सलीम मंसूरी की रिपोर्ट धड़ल्ले के साथ नगर कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही निजी अस्पतालों क्लीनिंग, पैथोलॉजी सेंटर अनेकों नामों से संचालित हो रही है। इसके बाद भी विभागीय स्तर पर कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। बता दें कि स्थानीय तहसील मुख्यालय स्थित नगर कस्बा बाजार, स्टेशन बाजार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पंजीकृत अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर धड़ल्ले के साथ चल रही है। और गरीब, बेसहार पीड़ित मरीजों से जमकर धन उगाही किया जा रहा है। इसके बाद भी विभाग के उच्चाधिकारी अपनी जुबान को बंद रखे हुए है। इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ गुलाब शंकर पटेल ने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारी टीम बनाकर ऐसे निजी अस्पतालों, क्लीनिंग, पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करते है। उन्होंने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारीयों द्वारा अगर आदेश मिलते हैं। तो टीम के साथ अभियान चलाकर निजी अस्पतालों को क्लीनिकल, पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ धड़ पकड़ के लिए कार्यवाही किया जाएगा। बता दें कि इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री को चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित नगर कस्बा बाजार में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ धड़ पकड़ के लिए अभियान चलाया कार्यवाही करने के लिए फरमान जारी करना चाहिए। ताकि इलाज के नाम पर गरीब, बेसहारा से लूट खसौट बंद हो जाए। इमरान नियाजी, वीरेंद्र कुमार, पंकज निगम, इजहार खान, व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, नारायण दास चौरसिया सहित आदि लोगों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी तरह की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। इसके बाद अवैध निजी अस्पतालों, क्लीनिकों एवं जांच केन्द्रों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। ताकि निजी अस्पतालों की मनमानी व मरीजों के शोषण पर रोक लगाई जा सके। लोगों ने बताया कि निजी अस्पतालों पर अवश्य कार्यवाही किया जाना चाहिए। अंत में डॉ गुलाब शंकर पटेल ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) एवं नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन (नमो) द्वारा क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में शिथिलता, 50 एवं इससे कम बेड क्षमता वाले अस्पतालों को एक्ट की परिधि से बाहर रखने, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत ईटीपी एवं एसटीपी व्यवस्था में छूट,अस्थाई पंजीकरण के नवीनीकरण के शुल्क में छूट एवं अग्निशमन अधिनियम को मानक के अनुसार पूरा नहीं किया है। ऐसे निजी अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाकर धड़ पकड़ के लिए कार्यवाही की जाएगी।

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