Top News

काशी दीप विजन संवाददाता गुफरान अहमद - केंद्र सरकार के वक़्फ़ संशोधन बिल को लेकर पत्रकार वार्ता करने बीजेपी कार्यालय पहुंची काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष और मीरजापुर प्रभारी सरोज कुशवाहा ने कहा कि 5 संशोधन बिल में सरकार ने किया है। अभी तक वक़्फ़ जिसे अपनी संपत्ति कह देता था वह उसकी ही जाती थी पर अब यह नहीं होगा, उसे साक्ष्य के साथ सिद्ध करना पड़ेगा । वक़्फ़ बोर्ड ने अन्य सदस्यों के साथ दो हिन्दू सदस्य भी होंगे । दो मुस्लिम महिलाएं भी होंगी । पहले जिस परिवार में पुरुष सदस्य नहीं होते थे वह संपत्ति वक़्फ़ को चली जाती थी अब महिलाओं का अधिकार होगा ।पहलगाम हमले पर सरकार द्वारा कार्रवाई को लेकर पूछे गए प्रश्न पर कहा कि देश को युद्ध में नहीं झोंक सकते, सरकार उचित कदम उठा रही है Vo - जिला बीजेपी कार्यालय के प्रेस सभागार में वक्फ बिल संशोधन – 2025 के विषय पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया । जिसमें मुख्य अतिथि / मुख्य वक्ता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भाजपा ( काशी क्षेत्र ) व जिला प्रभारी श्रीमती सरोज कुशवाहा जी ने वक्फ बिल संशोधन – 2025 पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि मोदी सरकार संसद में वक्फ ( संशोधन ) अधिनियम – 2025 को पारित किया । वर्तमान अधिनियम वक्फ प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने, मनमाने ढंग से संपत्ति अधिग्रहण को रोकने तथा धार्मिक स्वतंत्रता और समानता से संबंधित संवैधानिक चिंताओं को दूर करने के लिए बनाया गया है । यू.पी.ए. सरकार द्वारा पेश 2014 वक्फ संपत्ति ( बेदखली ) विधेयक ने कथित अतिक्रमणकारियों की निष्पक्ष सुनवाई के बिना वक्फ बोर्डों को असीमित शक्तियां प्रदान की गई थीं।नया अधिनियम धारा 40 को हटाकर वक्फ वोर्डों की मनमानी शक्तियों को समाप्त करता है, जो उन्हें किसी भी संपत्ति को एकतरफा तरीके से वक्फ घोषित करने की अनुमति देता है । यह वक्फ पंजीकरण के लिए भूमि रिकॉर्ड में बदलाव करने से पहले समाचार पत्रों में 90 दिन की सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करना अनिवार्य करता है । आगे यह भी बताया कि वर्तमान अधिनियम सरकार को ऐसी सभी सरकारी संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने का अधिकार देता है, जिन पर मूल अधिनियम से पहले या बाद में वक्फ के रूप में दावा किया गया था । यह अधिनियम राज्य सरकार को कलेक्टर से उच्च रैंक वाले एक अधिकारी ( जिसे संबंधित अधिकारी कहा जाता है ) को नियुक्त करने का अधिकार देता है, ताकि इन संपत्तियों का सर्वेक्षण करके यह निर्धारित किया जा सके कि वे सरकारी संपत्ति है या नहीं । सर्वेक्षण के दौरान, ऐसी संपत्ति सरकार के पास निहित होगी । वक्फ आय से महिलाओं की स्थिति को सशक्त बनाता है । जिसमें विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों के भरण – पोषण को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है । साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि पारिवारिक वक्फ ( वक्फ-अलल-औलाद ) का उपयोग महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं किया जा सके । यह अधिनियम देशभर की सभी वक्फ संपत्तियों के विवरण को एक साथ रखने के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल और डेटाबेस बनाने का प्रस्ताव करता है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी बेहतर हो सके । यह सभी नए वक्फ को मानकीकृत वक्फ दस्तावेजों के जरिए स्थापित करने का नियम बनाता है, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया स्पष्ट और समान हो, एक एकीकृत राष्ट्रीय अभिलेख रहे और वक्फ प्रशासन में बेहतर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके ।Bite - सरोज कुशवाहा, उपाध्यक्ष काशी क्षेत्र!

Post a Comment

और नया पुराने